शिमला। वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार 13 वर्ष की अवधि वाले स्टेट डेवलपमेंट लोन (एसडीएल) के रूप में 700 करोड़ रुपये के बांड जारी करेगी।
इन प्रतिभूतियों की नीलामी 7 जुलाई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मुंबई कार्यालय के माध्यम से ई-कुबेर प्रणाली पर होगी, जबकि सफल बोलीदाताओं को 8 जुलाई को भुगतान करना होगा। प्रदेश सरकार अभी तक अस वित्तीय वर्ष के दौरान 2800 करोड़ का ऋण ले लेगी। ऐसे में हिमाचल पर अब करीे 1.10 लाख करोड़ का त्रण हो जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर किया जाएगा। इस उधारी के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी प्राप्त कर ली गई है। अधिसूचना के अनुसार यह बांड 13 वर्ष की अवधि का होगा।
इसकी परिपक्वता अवधि 8 जुलाई 2039 तक रहेगी। ब्याज दर नीलामी में तय होने वाली कट-आफ यील्ड के आधार पर निर्धारित होगी। निवेशकों को ब्याज का भुगतान प्रत्येक वर्ष 8 जनवरी और 8 जुलाई को किया जाएगा।
आरबीआइ ने कुल निर्गम का 10 प्रतिशत हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए भी आरक्षित रखा है। वित्त विभाग के अनुसार यह उधारी राज्य की विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए की जा रही है। हालांकि विपक्ष लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार को घेरता रहा है।
