शिमला। राज्य सरकार ने वन विकास निगम लिमिटेड के कर्मचारियों को सरकार ने 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की है। निगम में कार्यरत 175 कर्मचारी जिन्हें 21,000 रुपये तक मासिक वेतन मिलता है उन्हें बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई है।
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप निगम के कर्मचारियों को पहली अप्रैल 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की मंजूरी मिली है। निदेशक मंडल ने उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की भी स्वीकृति दी, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष 240 दिन का कार्य पूरा किया है।
राज्य सरकार की नीति के अनुरूप पात्र अनुबंध कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये करने की मंजूरी दी है। यह संशोधन पहली अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। प्रदेश सरकार की अधिसूचना के अनुरूप लागू किया जाएगा।
निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर स्थित रेजिन एवं टरपेंटाइन (आरएंडटी) फैक्ट्री के आधुनिकीकरण के बाद राजस्व में हुई उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। निदेशक मंडल ने सकारात्मक परिणामों को ध्यान में रखते हुए नाहन स्थित आरएंडटी फैक्ट्री के आधुनिकीकरण का भी निर्णय लिया ताकि उत्पादकता और राजस्व में और अधिक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए प्रबंध निदेशक द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने, कार्य कुशलता में सुधार लाने और निगम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नवाचारपूर्ण उपाय जारी रखने के निर्देश दिए। वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, मुख्य सचिव केके पंत, वन बल प्रमुख एवं प्रबंध निदेशक संजय सूद, निदेशक (पीएफएंडपीई) एवं विशेष सचिव (वित्त) विजय वर्धन, निदेशक मंडल के गैर-सरकारी सदस्य और निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
