देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री ने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो का हवाला देते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। गुरुवार को दर्ज मुकदमे में भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं।
मुकदमा दर्ज कराने के बाद रेखा आर्या ने फेसबुक पर एक वीडियो और पति से जुड़ा ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस में शिकायत देने का निर्णय लेना पड़ा। मंत्री के मुताबिक, यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई है। द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य भर्ती हैं।
मुकदमे के बाद महिलाओं से की अपील
रेखा आर्या ने महिलाओं से घरेलू उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “महिला आम हो, महिला खास हो… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।” उन्होंने संदेश दिया कि महिलाओं को अपने साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ चुप रहने के बजाय आवाज उठानी चाहिए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को चेस्ट में दर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद द्वारिका चौक स्थित कृष्णा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईसीजी रिपोर्ट में मामूली दिक्कत सामने आई है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सिद्धांत खन्ना के अनुसार हृदय रोग विशेषज्ञ की सलाह पर उनकी अन्य जांचें भी कराई जा रही हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।
FIR में IPC की 10 और SC-ST एक्ट की तीन धाराएं
FIR में भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित 10 धाराओं का उल्लेख है:
– धारा 120-B
– धारा 323
– धारा 420
– धारा 467
– धारा 468
– धारा 471
– धारा 495
– धारा 498-A
– धारा 504
– धारा 506
इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत निम्नलिखित धाराओं का उल्लेख किया गया है।
– धारा 3(1)(द)
– धारा 3(1)(ध)
– धारा 3(2)(va)
इन धाराओं का उल्लेख शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में किया गया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों की जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रमेन्द्र डोबाल, एसएसपी देहरादून
