मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कानून-व्यवस्था व प्रशासनिक समीक्षा बैठक में बकरीद पर प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर रोक और परंपरागत स्थलों पर ही नमाज का आयोजन कराए जाने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के समाधान के लिए हर विकास खंड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल लगाए जाने का निर्णय किया है। इन चौपालों में राजस्व वाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली तथा स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों का तत्काल समाधान होगा। चौपाल के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा भी जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए। कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए साप्ताहिक चौपालों के संचालन के लिए शासन स्तर से विस्तृत एसओपी जारी की जाएगी। चौपालों में जिले के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को पूरी गंभीरता से लिए जाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्व को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी तथा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी और किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। कहा कि नमाज केवल परंपरागत स्थलों पर ही अदा की जाए तथा सड़क मार्ग अवरुद्ध कर नमाज की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाए।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खुले में मांस विक्रय प्रतिबंधित रहे तथा अवैध स्लाटर हाउस किसी भी दशा में संचालित न हों। वैध स्लाटर हाउस में भी निर्धारित क्षमता से अधिक पशु न रखे जाएं। उन्होंने पर्वों के दौरान बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च किया जाए तथा धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस बल की लगातार पैदल गश्त हो। बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत प्रदेश में अब तक 12 लाख पांडुलिपियों के चिन्हांकन किया जा चुका है।
संवेदनशील जिलों में रहे अतिरिक्त सतर्कता
मुख्यमंत्री ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल समेत अन्य संवेदनशील जिलों के डीएम व एसपी से सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली। कहा कि बीते वर्षों की घटनाओं का अध्ययन कर संभावित अराजक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार निषेधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी थाना, तहसील और जिला स्तर पर पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए।
गंगा घाटों पर रहे साफ-सफाई
मुख्यमंत्री ने गंगा दशहरा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जिलों में गंगा घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस तैनाती, पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे।
यह भी दिए निर्देश
– सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाया जाए।
– बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई हो। – टास्क फोर्स गठित कर अवैध खनन रोका जाए।
– अधिकारी किसी भी दबाव या सिफारिश में आए बिना कार्रवाई करें।
– जांच के नाम पर कहीं आम नागरिकों का उत्पीड़न न हो।
– भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज किया जाए।
