देहरादून। हिमालय की गोद में बसी देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी दिव्य धरोहरों, धर्मस्थलों और सनातन परंपरा से है। गंगा की पावन धारा से लेकर मां नंदा की राजजात पहाड़ के लोकजीवन की आत्मा है।
इसी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में धामी सरकार ने अनुपूरक बजट में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। कुंभ की भव्यता, गंगा कारिडोर के विकास और नंदा राजजात की परंपरा को संबल देने के लिए कुल 340 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
दिव्य कुंभ के अंतर्गत मेले की व्यवस्थाओं और अवस्थापना विकास के लिए 290 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, हरिद्वार गंगा कारिडोर के कार्यों को समय से पूरा करने के लिए 30 करोड़ रुपये और नंदा राजजात के संचालन के लिए पूंजीगत मद में 20 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। इस बजट से धार्मिक आयोजनों के साथ तीर्थ क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार व सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का कार्य किया जाएगा।
