हमीरपुर: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को हमीरपुर के जोलसप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से बातचीत की और संस्थान में उपलब्ध पढ़ाई व प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी ली. कॉलेज शुरू होने से युवाओं को मेडिकल क्षेत्र से जुड़े तकनीकी पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा.
एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज में विद्यार्थियों को रेडियोलॉजी, मेडिकल लैबोरेटरी, एनेस्थीसिया और डायलिसिस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. इन पाठ्यक्रमों में अस्पतालों की जांच, चिकित्सा उपकरणों के संचालन और मरीजों के उपचार में डॉक्टरों की मदद से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी शामिल है. इससे विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के लिए जरूरी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी.
शुरुआती चरण में 210 सीटों पर प्रवेश
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में चार स्नातक पाठ्यक्रमों की कुल 210 सीटें निर्धारित की गई हैं. इनमें मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैबोरेटरी साइंस और एनेस्थीसिया एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी में 60-60 सीटें हैं. वहीं, डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी में 30 सीटें रखी गई हैं. सरकार की योजना भविष्य में संस्थान में छह पाठ्यक्रमों के तहत कुल 330 सीटें उपलब्ध करवाने की है. प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में मेडिकल लैबोरेटरी साइंस, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ऑप्टोमेट्री और फिजियोथेरेपी में 60-60 सीटें तथा डायलिसिस तकनीक में 30 सीटें शामिल हैं. कॉलेज के संचालन के लिए मशीनरी और उपकरण खरीदने के वास्ते राज्य सरकार ने 6.87 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय भी लिया है.
‘श्रेय लेने की कोशिश करते हैं अनुराग ठाकुर’
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर सांसद अनुराग ठाकुर पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अनुराग ठाकुर कॉलेज का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज परिसर में स्वीकृति पत्र लगाया गया है, जिससे लोगों को संस्थान की मंजूरी और स्थापना से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी.
पीजी सीटें बढ़ाने के लिए केंद्र के सहयोग का जिक्र
मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर यानी पीजी सीटें बढ़ाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 320 पीजी सीटें बढ़ाने के विषय पर चर्चा हुई है और इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी बातचीत की गई. सुक्खू ने इस दिशा में केंद्र सरकार और जेपी नड्डा के सहयोग के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए शैक्षणिक सुविधाओं और विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता भी जरूरी है.
