मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बजट का केंद्र लोककल्याण होना चाहिए। गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही बजट की आत्मा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्र सरकार के बजट के मुताबिक यूपी के बजट ढांचे में जरूरी सुधार करें। उन्होंने कहा कि बजट में हर प्रावधान आम नागरिकों का जीवन बदलने वाला होना चाहिए। लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन में संतुलन बनाए रखा जाए, इससे समझौता कदापि न करें।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को बजट पर विभागों के साथ चर्चा में उनके अधीन विभागों व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों के बजट प्रस्तावों, नई मांगों और केंद्रीय बजट 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा भी हुई। मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से विभागीय प्रमुख सचिवों से चालू वित्तीय वर्ष में बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति और अब तक हुए खर्च की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि की जिस दिशा में ठोस प्रगति की है, उससे प्रदेश की जनता को सरकार से बड़ी आशा है और जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि राजस्व सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक सुधार और व्यय दक्षता से जुड़े प्रस्तावों को इस तरह समाहित किया गया है कि राज्य की वित्तीय समृद्धि और स्थिरता बनी रहे और विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला बजट लोककल्याण, सुशासन और वित्तीय समृद्धि के माध्यम से प्रदेश की जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
बुनियादी सुविधाओं की मजबूती पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावों में लोककल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रावधानों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक को प्रभावी तौर पर मिले। प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था ही विकास और निवेश का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, न्याय और प्रशासन से जुड़े विभागों के प्रस्ताव जन-सुरक्षा, त्वरित न्याय और आम नागरिक के विश्वास को और मजबूत करने वाले हों। सड़क, भवन और अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है, ताकि विकास का लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचे।
