रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्वामियों एवं हॉकरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तीर्थ यात्रियों के साथ शालीन, विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें. उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के घोड़ा-खच्चर संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोड़ा-खच्चरों की सेवाओं का उपयोग करते हैं. ऐसे में यात्रा से जुड़े प्रत्येक संचालक एवं हॉकर का दायित्व है कि वह यात्रियों के साथ मर्यादित एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले आए हैं, जिनमें कुछ संचालकों अथवा उनके हॉकरों द्वारा तीर्थ यात्रियों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया. ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा चुकी है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की कोई शिकायत मिलने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी घोड़ा-खच्चर संचालक एवं स्वामी अपने अधीन कार्यरत प्रत्येक हॉकर का जिला पंचायत रुद्रप्रयाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें. बिना पंजीकरण के किसी भी व्यक्ति को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का संचालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी संचालकों एवं स्वामियों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके अधीन कार्यरत प्रत्येक हॉकर का विधिवत पंजीकरण कराया जाए तथा इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराई जाए.
यदि कोई संचालक अथवा हॉकर बिना पंजीकरण के संचालन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाप ब्लैकलिस्टिंग, आर्थिक दंड समेत अन्य विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. ऐसी स्थिति के लिए संबंधित संचालक एवं स्वामी स्वयं उत्तरदायी होंगे.जिलाधिकारी ने सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्वामियों एवं हॉकरों से प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने, यात्रा की गरिमा बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की.
