उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. बीजेपी की ओर से आठ उम्मीदवारों के नामों पर फैसला होना अभी बाकी है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर संभावित नामों पर मंथन चल रहा है. हालांकि अंतिम सूची जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किन चेहरों को राज्यसभा भेजने का मौका मिलता है.
8 सीटों के लिए कई नाम चर्चा में
बीजेपी की संभावित सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी और कवि व पूर्व आप नेता कुमार विश्वास के नाम चर्चा में हैं. इनके अलावा दुर्विजय शाक्य समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं. पार्टी की ओर से करीब दो दर्जन से अधिक नामों पर विचार किए जाने की बात सामने आई है. इनमें पुराने चेहरों के साथ नए नाम भी शामिल हैं. ऐसे में अंतिम आठ नामों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण पर नजर
राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में बीजेपी के सामने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती भी है. संभावित नामों में अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों से जुड़े नेता शामिल हैं. बीएल वर्मा के नाम की चर्चा लोधी समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिहाज से हो रही है, जबकि हरीश द्विवेदी का नाम ब्राह्मण चेहरे के तौर पर चर्चा में है. वहीं स्मृति ईरानी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है.
6 अक्टूबर को नामांकन की आखिरी तारीख
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. बीजेपी के मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर सात सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत बताई जा रही है. आठवीं सीट को लेकर राजनीतिक समीकरण और संभावित क्रॉस वोटिंग पर भी नजर है.
आज लखनऊ पहुंचेंगे बीएल संतोष
राज्यसभा चुनाव के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के सोमवार को लखनऊ पहुंचने की जानकारी है. लखनऊ में कुछ अहम बैठकों के बाद उनके सुल्तानपुर जाने की बात कही गई है. सुल्तानपुर में काशी और गोरखपुर क्षेत्र की संघ-बीजेपी समन्वय बैठक में बीएल संतोष के शामिल होने की जानकारी है. संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार के भी बैठक में हिस्सा लेने की बात कही गई है.
राज्यसभा की सूची से मिलेंगे चुनावी संकेत?
बीजेपी की अंतिम राज्यसभा सूची पर इसलिए भी नजर है, क्योंकि उम्मीदवारों के चयन से पार्टी की सामाजिक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के संकेत मिल सकते हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चर्चा में चल रहे नामों में से किन नेताओं पर पार्टी भरोसा जताती है और अंतिम आठ नामों में कौन-कौन जगह बनाता है. आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.
