जमुई: जब से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट का विस्तार किया है, तब से परिवारवाद का आरोप लगाकर विपक्ष हमलावर है. निशांत कुमार और दीपक प्रकाश समेत कई अन्य मंत्रियों को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार और एनडीए पर जोरदार हमला बोला है. वहीं इस पर परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने सीएम का बचाव किया है.
परिवारवाद’ पर क्या बोले मंत्री?: जमुई में जब पत्रकारों ने उनसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मंत्री बनाने को लेकर सवाल पूछा गया तो दामादर रावत ने कहा कि ये तो मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. एक ही प्रखंड क्या, एक ही परिवार के चार सदस्यों को मंत्री बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जाहिर है कि सीएम को जिस पर विश्वास होगा, उसी को मंत्री बनाया जाएगा.
“ये तो मुख्यमंत्री जी का विशेषाधिकार है. एक ही परिवार का चार मंत्री रख सकते हैं. जहां विश्वास जमेगा. ये लड़का काम करेगा बेहतर, वहां रखेगा.”- दमोदर रावत, मंत्री, परिवहन विभाग
लाठीचार्ज पर बोलने से इनकार: इस दौरान जब पत्रकारों ने मंत्री से शिक्षक अभ्यर्थियों पर पटना में लाठीचार्ज को लेकर सवाल पूछा गया तो वह ये कहते हुऐ निकल गए कि ये हमारा विभाग नहीं है.
एक ही प्रखंड से दो मंत्री बने: सम्राट सरकार में जमुई के गिद्धौर प्रखंड से दो मंत्री बनाऐ गए है. झाझा विधायक दामोदर रावत जेडीयू से हैं, जबकि जमुई विधायक श्रेयसी सिंह की बीजेपी से हैं. दोनों मंत्री का आवास गिद्धौर बाजार में ही है. मंत्री बनने के बाद पहली बार जमुई पहुंचे परिवहन मंत्री का एनडीए गठबंधन के नेताओं-कार्यकर्ताओ ने अभिनंदन स्वागत किया.
परिवारवाद पर विपक्ष हमलावर: दरअसल, तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत उनकी 35 सदस्यीय कैबिनेट को लेकर दावा किया है कि मंत्रिमंडल में सीएम के साथ-साथ 17 ऐसे मंत्री हैं, जो परिवारवाद की उपज हैं. इसमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन के भी नाम शामिल हैं.
