चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने सबसे बड़े चुनावी वादों को जमीन पर उतारकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के लिए मुफ्त बिजली और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली मावां धीयां सतकार योजना ऐसे दो फैसले हैं, जिनका सीधा असर घर के बजट पर पड़ रहा है।
2022 में 92 सीटों के साथ सत्ता में पहुंची आप अब इन्हीं योजनाओं और अपने पांच साल के कामकाज को लेकर दोबारा जनता के बीच जाने की तैयारी में है। घरेलू बजट पर निशाना साध सीएम भगवंत मान ने अपनी छवी को मजबूत किया है, वहीं विपक्ष की राह को थोड़ा मुश्किल भी कर दिया है।
90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली का लाभ
मान सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मुफ्त बिजली योजना को माना जा रहा है। सरकार के अनुसार पंजाब के करीब 90 प्रतिशत घरों को इसका लाभ मिल रहा है। बिजली के बढ़ते खर्च के बीच घरेलू उपभोक्ताओं को मिली यह राहत सीधे परिवारों के मासिक बजट से जुड़ती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर व्यापक है। सरकार के लिए चुनाव से पहले यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका लाभ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है।
महिलाओं के लिए भी पूरा किया बड़ा वादा
2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने का वादा किया था। सरकार ने अप्रैल में मावां धीयां सतकार योजना शुरू कर इस वादे को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।
योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये और एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद मिल रही है और सरकार का फोकस परिवार की आर्थिक सुरक्षा पर भी दिखाई देता है।
स्वास्थ्य से शिक्षा तक योजनाओं का विस्तार
मान सरकार ने केवल आर्थिक सहायता वाली योजनाओं पर ही जोर नहीं दिया। कैशलेस इलाज और मोहल्ला क्लिनिक जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सरकार अपनी उपलब्धियों के तौर पर जनता के सामने रख रही है। वहीं पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस विधेयक के जरिए शहरी मध्यम वर्ग को राहत देने की कोशिश की गई है। सरकार की रणनीति अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रही है।
भगवंत मान ही आप का सबसे बड़ा चेहरा
2022 में खटकड़ कलां में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले भगवंत मान पांच साल के कार्यकाल में पंजाब में आप का सबसे प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। पार्टी के पास चुनाव में सरकार के कामकाज के साथ मुख्यमंत्री के चेहरे को जनता के सामने रखने का स्पष्ट अवसर है। कांग्रेस और भाजपा की ओर से अभी मुख्यमंत्री पद के लिए किसी स्पष्ट चेहरे की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में मान सरकार के लिए यह राजनीतिक बढ़त मानी जा रही है।
2022 की 92 सीटों वाली जीत को दोहराने की तैयारी
2022 में 42.01 प्रतिशत वोट के साथ 92 सीटें जीतकर आप ने पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव किया था। अब 2027 का चुनाव सरकार के पांच साल के कामकाज पर जनमत का अवसर होगा।
मुफ्त बिजली, महिलाओं की आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाओं के जरिए सरकार ने अपने पक्ष में सीधा लाभ पाने वाले बड़े वर्ग तैयार किए हैं। चुनाव की घोषणा से पहले मान सरकार के सामने इन्हीं योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और 2022 की बड़ी जीत को दोहराने की चुनौती है।
