हरियाणा में गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर जारी खींचतान के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला भी मैदान में कूद गए हैं। सोमवार को वह अंबाला जिला की विभिन्न अनाज मंडियों में पहुंचे। अंबाला सिटी अनाज मंडी में उन्होंने किसानों, मजदूरों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और मंडियों की बदहाली को लेकर प्रदेश की नायब सैनी सरकार को आड़े हाथों लिया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली आदेश पर उठाए सवाल
सुरजेवाला ने सरकार के उस निर्देश को तुगलकी फरमान करार दिया जिसमें फसल को केवल ट्रैक्टर-ट्रॉली में लाने की बात कही गई है। उन्होंने तर्क दिया कि हरियाणा में ट्रैक्टर-ट्रॉली के कमर्शियल इस्तेमाल की इजाजत नहीं है, जिससे किसानों का चालान होने का डर है। उन्होंने सवाल किया, आप गेहूं की फसल खरीद रहे हैं या ट्रैक्टर-ट्रॉली। किसान अपनी फसल किसी भी साधन से लाए, सरकार को इससे क्या तकलीफ है। उनके साथ पूर्व विधायक जसबीर मलौर भी रहे।
पोर्टल और भुगतान में धांधली का आरोप
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पोर्टल सिस्टम से लेकर फसल के उठान तक सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने मंडियों की व्यथा बताते हुए कहा कि सर्वर डाउन होने, पोर्टल में गड़बड़ी और बायोमेट्रिक (अंगूठों) का मिलान न होने के कारण किसान परेशान हैं। इसके साथ ही मंडियों में बारदाने की कमी है और किसानों को उनकी फसल की बिक्री का भुगतान भी नहीं मिल रहा है।
बारदाने की गुणवत्ता पर लूट का इल्जाम
कांग्रेस नेता ने बारदाने (बैग्स) के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने समय रहते मजबूत जूट के बैग्स क्यों नहीं खरीदे। उन्होंने वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे प्लास्टिक बैग्स की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें शीशे की तरह पारदर्शी और बेहद कमजोर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटिया बैग्स गोदाम में जाने के बाद जल्द ही खराब हो जाएंगे, जिससे करोड़ों की गेहूं बर्बाद होगी। उन्होंने इसे लूट का एक नया धंधा करार दिया।
