जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में राजस्थान के विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान-2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए युवा शक्ति, निवेश संवर्धन, कृषि समृद्धि, महिला सशक्तीकरण और सुशासन को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है.
350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य : बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान को वर्ष 2029 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस दिशा में राज्य सरकार ने 35 से अधिक नई निवेश नीतियां लागू की हैं तथा 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं. इनमें से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर 10.24 प्रतिशत है, जो आर्थिक विकास की मजबूत संभावनाओं का संकेत है. मुख्यमंत्री ने युवाओं को विकास का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि राजस्थान की 63 प्रतिशत आबादी युवा है. ‘माय भारत’ अभियान के तहत राज्य में 18 लाख युवाओं का पंजीकरण हुआ है, जिससे राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा है. राज्य सरकार ने राजस्थान कौशल नीति-2025, राजस्थान युवा नीति-2025 और राजस्थान रोजगार नीति-2026 लागू कर रोजगार एवं कौशल विकास को नई दिशा दी है.
राजस्थान देश में प्रथम स्थान : कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2 करोड़ 19 लाख बीमा पॉलिसियां जारी की गई हैं, जबकि पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत 723 मेगावाट क्षमता की 496 सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं. इन दोनों क्षेत्रों में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है.
उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय जिलों में दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों के विस्तार से किसानों की आय में वृद्धि हुई है. महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री पोषण योजना में राजस्थान लगातार दो वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर रहा है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में राज्य दूसरे स्थान पर है.
हवेलियों को पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित : सुशासन के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ‘राज उन्नति’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की 42 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है. वहीं, ‘संपर्क पोर्टल’ के जरिए शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि 28 दिन से घटकर 14 दिन रह गई है तथा 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास चौपालों और ग्राम विकास रथों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जा रही है, साथ ही शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत झुंझुनूं, चूरू और सीकर की 660 से अधिक हवेलियों को पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित किया जा रहा है.
विकसित राजस्थान का संकल्प को पूर्ण होगा: पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं. जल संरक्षण अभियानों के माध्यम से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार ‘विकसित राजस्थान-2047’ के संकल्प को पूर्ण समर्पण के साथ साकार करेगी और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी.
