पटना: नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग-अलग योजनाओं के लिए वित्तीय मदद मांगी है. नल जल योजना के लिए 18000 करोड़ की विशेष मदद, सेइंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर (ISSA) पायलट परियोजना के लिए 750 करोड़, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ की वित्तीय सहायता और भागलपुर में नेशनल स्कील ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए सहयोग मांगा है.
सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी से मांगी आर्थिक मदद: नीति आयोग की बैठक में सम्राट चौधरी ने संबोधन करते हुए कहा कि बिहार आज राष्ट्र की विकास यात्रा का सहभागी मात्र न रहकर विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास के लिए एक सक्रिय परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है. इस दिशा में बिहार सरकार की तरफ से भी प्रयास जारी है. उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ की परिकल्पना को साकार करने में ‘समृद्ध बिहार’ की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी.
बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा का जिक्र: सीएम ने कहा कि बाल्यावस्था देखभाल और एवं शिक्षा के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है. 11,529 स्वीकृत सक्षम आंगनवाड़ियों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं. 8,400 आंगनवाड़ी केंद्रों को निकटवर्ती विद्यालयों के साथ स्थापित किया गया है और 34,682 केंद्रों को 500 मीटर की परिधि में प्राथमिक विद्यालयों से संबद्ध किया गया है.
विद्यालयी शिक्षा में उपलब्थि: बिहार के 76,202 सरकारी विद्यालयों में 91% में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है और बिहार के विद्यालयों में 9,000 से अधिक स्मार्ट कक्षाएं क्रियाशील हैं. बालिका विद्यालयों में शत-प्रतिशत शौचालय कवरेज सुनिश्चित की गई है. 15-19 वर्ष आयु वर्ग के ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों को बिहार राज्य के अपने ओपन स्कूल बोर्ड में नामांकित कर पढ़ाया जा रहा है.
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास: मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम-विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षित किया गया है. पटना में 640 करोड़ की लागत से आर्यभट्ट अन्तर्राष्ट्रीय कौशल हब की स्थापना की जा रही है. पीएम-सेतु के माध्यम से 75 आईटीआई के सुदृढ़ीकरण के लिए 3,615 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
“केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलिंग आर्किटेक्चर पायलट परियोजना हेतु 750 करोड़, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय हेतु 1,500 करोड़ की वित्तीय सहायता तथा नेशनल स्कील ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट भागलपुर की स्थापना हेतु भी सहयोग प्रदान करने की कृपा की जाए.”- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
उच्च शिक्षा पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जा रही है. उच्च शिक्षा के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध है कि बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा स्थापना के लिए सहयोग प्रदान किया जाए.
खेल के विकास के सहयोग: सम्राट ने कहा कि खेल प्रक्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिए उत्साहवर्द्धक कार्य किया है. वर्ष 2024 में बिहार ने एशियन महिला एवं पुरुष हॉकी चैम्पियनशिप, एशियन रग्बी चैम्पियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 सहित अनेक राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है. 2028 में नेशनल यूथ गेम्स, 2030 में हॉकी विश्व कप और 2031 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र सरकार के विशेष सहयोग की हम अपेक्षा रखते हैं.
कृषि एवं किसान कल्याण: सीएम ने कहा कि एग्री स्टैक पहल के अंतर्गत बिहार में प्रत्येक किसान को यूनिक ID प्रदान की जा रही है. PM-KISAN के लाभार्थियों में से लगभग 61% का नामांकन पूर्ण हो चुका है. केंद्र सरकार से अनुरोध है कि राज्य में उद्यानिकी अनुसंधान एवं किसानों की आय में वृद्धि के लिए ु उपोष्णकटिबंधीय बागवानी के लिए केंद्रीय संस्थान की स्थापना की जाए.
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड कार्यालय की स्थापना के लिए स्वीकृति एवं सहयोग प्रदान किया जाए. इसके अतिरिक्त, 100 एकड़ भूमि हस्तांतरित किए जाने के उपरांत नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ फुड टेक्नोलॉजी इन्टरप्रन्योरशिप एवं मैनेजमेंट की शीघ्र स्थापना एवं आवश्यक सहयोग के लिए आपसे अनुरोध है.
पर्यटन प्रक्षेत्र का विकास: मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बिहार राज्य के आर्थिक विकास के लिए पर्यटन क्षेत्र में असीम संभावना है. ‘वन स्टेट: वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ योजना के तहत गयाजी (बोधगया सहित) को वैश्विक पर्यटन, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है.
विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर एवं राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास के लिए कार्रवाई की जा रही है. इस संदर्भ में बिहार राज्य को अन्तर्राष्ट्रीय वायुयान कनेक्टिविटी की सुविधा हेतु सहायता का विशेष अनुरोध है.
आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी ‘एक जिला एक उत्पाद’: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना योजना के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों को 35% तक पूंजी अनुदान प्रदान कर उन्हें औपचारिक क्षेत्र में सम्मिलित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40% से अधिक की वृद्धि हुई है. आत्मनिर्भर भारत एवं स्वदेशी की परिकल्पना में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भी प्रमुख भूमिका है.
सीएम ने कहा, ‘भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत कुल 48 लाख 30 हजार लखपति दीदियों के साथ बिहार राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर है. मैं आश्वस्त करता हूं कि बिहार राज्य अपना लक्ष्य समय से पहले ही पूर्ण कर लेगा.’
इसके साथ ही, उद्योग, वाणिज्य एवं सामाजिक-आर्थिक विकास में नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान का एक क्षेत्रीय केंद्र एवं ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ के अंतर्गत बिहार को अत्याधुनिक अवसंरचना से सुसज्जित 10 प्लग-एण्ड-प्ले औद्योगिक पार्क आवंटित किए जाने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग अपेक्षित है.
ऊर्जा पर उल्लेखनीय कार्य: सीएम ने कहा कि बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति कर रहा है. पीरपैंती (भागलपुर) में 2,400 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना का निर्माण प्रगति पर है. लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैटरी-आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है. ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा आवंटित लक्ष्य से आगे बढ़कर लगभग 10 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
ज्ञान भारतम् का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ने 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर देश के अग्रणी पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त किया है.
उद्योग एवं निवेश को लेकर बिहार सरकार औद्योगिकरण के लिए मिशन मोड में कार्यरत है. राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि की स्वीकृति दी गई है. बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज 2025, Semiconductor Policy-2026, बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति 2026 एवं Bihar Al Mission के माध्यम से Al, Electronics एवं Advanced Manufacturing आधारित नई अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
पिछले 2 वर्षों में सौर एवं विभिन्न ऊर्जा प्रक्षेत्रों, सड़क अवसंरचनाओं के निर्माण तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निजी पूंजी निवेश को आकर्षित किया गया है. राज्य के नियोजित एवं संतुलित शहरी विकास के लिए लगभग तीन लाख एकड़ से अधिक भूमि में 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखा है.
विशेष अनुरोध: मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने हर घर, नल का जल कार्यक्रम में निवेश करते हुए जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त किया है लेकिन कुछ कारणों से यह राशि भारत सरकार से नहीं ली जा सकी है. लिहाजा अनुरोध है कि इस मद में व्यय की गयी राशि के केन्द्रांश रूप में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान में क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं के लिए 5 हजार करोड़ रुपये अर्थात् कुल 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने की कृपा की जाए.
बिहार की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई सालों बाद नीति आयोग की बैठक में पहुंचे थे. नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री थे, तब 20 फरवरी 2021 में हुई बैठक में शामिल हुए थे लेकिन उसके बाद से नीति आयोग की बैठक से दूरी बनाते रहे. 2022, 2023, 2024 और 2025 लगातार 4 सालों तक नीति आयोग की बैठक से दूरी बनाए रखी. 2025 में नीतीश कुमार दिल्ली में रहने के बावजूद नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए थे.
