हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के समापन समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने किसानों के हितों, आधुनिक कृषि तकनीकों, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंच से किसानों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कृषि को अधिक लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में किसानों को पारंपरिक तरीके से सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे किसानों को उनकी भूमि की गुणवत्ता और आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और अल-नीनो जैसी परिस्थितियों के कारण पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसे देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से ऐसे उन्नत बीज विकसित किए जा रहे हैं जो कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम होंगे। इन बीजों के माध्यम से किसानों को कम संसाधनों में अधिक पैदावार मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार कृषि अनुसंधान, सिंचाई सुविधाओं, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि उपकरणों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक चुनौतियों के बीच वैज्ञानिक खेती ही भविष्य का सबसे प्रभावी विकल्प है। सरकार किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और नई योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी कृषि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव और मांगें रखीं।
