चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस को नया प्रभारी मिल गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व एमएलसी और पूर्व राष्ट्रीय सचिव संजय सतीशचंद्र दत्त को हरियाणा का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उन्होंने बीके हरिप्रसाद का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने के बाद हरियाणा के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
उनकी नई जिम्मेदारी के बाद करीब एक पखवाड़े से हरियाणा कांग्रेस में प्रभारी का पद प्रभावी रूप से खाली था। 2011 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को विधान परिषद का सदस्य बनाने के लिए संजय दत्त ने एमएलसी की सीट से इस्तीफा दिया था, जिसे पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा का उदाहरण माना जाता है।
संगठन में कैसे रहेगी संजय दत्त की भूमिका?
संजय दत्त की नियुक्ति के साथ संगठन को फिर से सक्रिय करने की कवायद तेज होने की उम्मीद है। इनकी सबसे बड़ी पहचान एक कुशल संगठनकर्ता, अनुशासित और आलाकमान के भरोसेमंद नेता की है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती यह रहेगी कि वे हरियाणा कांग्रेस की लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को कम कर संगठन को एकजुट कर पाते हैं या बाकी प्रभारियों की तरह वे भी इसमें विफल रहते हैं।
नये प्रभारी की नियुक्ति से पहले पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी।
हाईकमान ने संजय दत्त के नाम पर लगाई मुहर
उनकी इन बैठकों को हरियाणा कांग्रेस के संगठनात्मक मुद्दों और नये प्रभारी की नियुक्ति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इसके कुछ समय बाद ही हाईकमान ने संजय दत्त के नाम पर हरियाणा के प्रभारी के रूप में मुहर लगा दी।
संजय सतीशचंद्र दत्त महाराष्ट्र कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं। संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव होने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें हरियाणा जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
इनके सामने संगठन को सक्रिय करना, गुटबाजी पर नियंत्रण रखना, जिला और ब्लाक स्तर पर संगठन को मजबूत करना तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को गति देना प्रमुख चुनौती होगी।
