आम आदमी पार्टी (AAP) में जारी सियासी उथल-पुथल लगातार गहराती जा रही है। पार्टी के 7 सांसदों के छोड़ने की खबरों के बीच पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा वापस ले ली है। जालंधर स्थित उनके आवास पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया।
हालांकि हरभजन सिंह ने अभी तक न तो AAP छोड़ने और न ही भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान दिया है, लेकिन पार्टी के भीतर हलचल तेज है। इससे पहले राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा भी वापस ली जा चुकी थी, जिसके बाद उन्हें केंद्र सरकार की ओर से समान स्तर की सुरक्षा दी गई।
इसी बीच, AAP छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने दावा किया कि पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांगा था। उन्होंने कहा कि वे खुद भी इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन उनके सलाहकारों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। साहनी ने पंजाब की स्थिति को ‘आईसीयू’ में बताया और राज्य को बचाने के लिए मजबूत केंद्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं, पार्टी में बने रहने वाले राज्यसभा सांसद संत सीचेवाल ने खुलासा किया कि राघव चड्ढा ने 16 से 18 अप्रैल के बीच उन्हें चाय पर बुलाकर एक अलग ‘आजाद ग्रुप’ बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, सीचेवाल ने किसी भी तरह के अलग गुट से दूरी बनाए रखने की बात कही।
AAP में जारी यह राजनीतिक संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, जिससे पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
