रुद्रपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की देहरादून रैली के बाद अब कांग्रेस ने कुमाऊं में भी अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है. आगामी 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा करेंगे. रैली को सफल बनाने के लिए स्वराज आश्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें तैयारियों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर मंथन किया गया.
8 अगस्त को हल्द्वानी में गरजेंगे मल्लिकार्जुन खड़गे: बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की देहरादून रैली के बाद अब कांग्रेस की नजर कुमाऊं पर है. इसी रणनीति के तहत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आगामी 8 अगस्त को हल्द्वानी पहुंचेंगे. उनकी प्रस्तावित जनसभा को लेकर पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में आयोजित बैठक में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक सुमित हृदयेश, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करण मेहरा समेत कई विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
कुमाऊं की सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में से एक होगी मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली: बैठक में रामलीला मैदान में होने वाली जनसभा की रूपरेखा, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां, भीड़ प्रबंधन, प्रचार-प्रसार और संगठनात्मक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यह जनसभा कुमाऊं की सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में से एक होगी, जिसमें विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे.
इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे: पार्टी नेताओं की मानें तो मल्लिकार्जुन खड़गे अपने संबोधन में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे. इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी कांग्रेस अपना पक्ष रखेगी.
मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस को देंगे धार: राहुल गांधी की देहरादून रैली के बाद अब हल्द्वानी में होने वाली मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा को कांग्रेस कुमाऊं में अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति को धार देने के अवसर के रूप में देख रही है. अब सभी की नजर 8 अगस्त की इस जनसभा पर टिकी है कि कांग्रेस इसे कितनी बड़ी राजनीतिक ताकत में बदल पाती है.
