कुरुक्षेत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार देर शाम कुरुक्षेत्र पहुंचे। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के लिए 120 करोड़ रुपए की लागत वाले सर्किट हाउस के निर्माण की घोषणा की। यह सर्किट हाउस ब्रह्मसरोवर के दक्षिणी गेट के पास बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्किट हाउस के निर्माण से कुरुक्षेत्र आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी तथा पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता भी मौजूद रहीं। इस दौरान ब्रह्मसरोवर पर ड्रोन शो का आयोजन किया गया, जिसमें ड्रोन के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह गुरुद्वारा सचखंड ईशर सिंह दरबार साहिब, जुरासी खुर्द पहुंचे। यहां संत बाबा ईशर सिंह की 51वीं बरसी पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया। गुरुद्वारा साहिब पहुंचने पर मुख्य सेवादार बाबा मणि सिंह ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया।
गुरमत के प्रचार में बाबा ईशर सिंह के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा ईशर सिंह ने भारत के गांवों और नगरों के साथ-साथ विदेशों में भी गुरमत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने संत बाबा ईशर सिंह की बरसी पर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन तथा भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।
गरीब, किसान और महिलाओं को लेकर कही यह बात
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों को सशक्त बनाने, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्माण और विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत हो रहे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेशभर में सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का प्रतीक माना जाता है तथा इसी भावना के साथ देश के विकास और निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
