चंडीगढ़। हरियाणा में प्रदेश सरकार किसानों को मुआवजा राशि जारी कर रही है, लेकिन बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जिनके बैंक खाते सही नहीं हैं या फिर दूसरी गड़बड़ियां हैं।
ऐसे में मुआवजा राशि वापस सरकारी खजाने में लौट जा रही है। अब प्रदेश सरकार इन किसानों के बैंक खातों की जांच कराएगी, ताकि सही खातों में किसानों की मुआवजा राशि डाली जा सके।
कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने शुक्रवार को प्रश्नकाल में किसानों के चार साल से लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। इस दौरान राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल और कांग्रेस विधायक में मुआवजे को लेकर बहस भी हुई।
आफताब अहमद ने आरोप लगाया कि किसानों को फसल खराबे का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। वर्ष 2022 से 2025 तक किसानों की मुआवजा राशि लंबित है। किसान मुआवजे के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
जवाब में विपुल गोयल ने सदन में बताया कि किसी किसान का बैंक खाता सही नहीं है, तो कहीं कुछ और दिक्कतें हैं। हम उन सभी किसानों के खाते सत्यापित कर ठीक कर रहे हैं, जिन्होंने मुआवजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनको राशि नहीं मिल पाई।
चंडीगढ़ से राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन चार-पांच बार भेजने के बावजूद खातों में राशि नहीं पहुंच पा रही। इसी कारण हमने खाते चेक कराने का निर्णय लिया है और त्रुटियां ठीक होते ही मुआवजा राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने रबी 2025 में 116 करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों के खातों में डाली है। रबी 2025 में 52 करोड़ रुपये, रबी 2024 में 127 करोड़ रुपये, खरीफ 2023 में 210 करोड़ और रबी 2023 में 180 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई। खरीफ 2024 में यमुनानगर में फसल खराबे के नुकसान की भरपाई के लिए 34.35 लाख रुपये जारी किए गए थे।
इनमें से 24 लाख रुपये पात्र किसानों को मिल गए, जबकि 10 लाख रुपये किसानों के खाते उपलब्ध न कराने, कुछ किसानों द्वारा राशि लेने से मना करने, कुछ किसानों की मृत्यु होने या अन्य कारणों से नहीं दिए जा सके।
रबी 2023 में पांच प्रयास करने के बावजूद भी 13.91 लाख रुपये और खरीफ 2023 में तीन प्रयासों के बावजूद किसानों के खातों में त्रुटियों के चलते 19 लाख रुपये नहीं दिए जा सके। इसी तरह रबी 2024 में 34.61 लाख रुपये, रबी 2025 में 92 लाख रुपये खातों में नहीं जा पाए। खरीफ 2025 में 2.68 करोड़ से ज्यादा राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंच सकी है।
विपुल गोयल ने कहा कि पटवारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं। किसी भी किसान का एक पैसा भी शेष नहीं रहेगा। जिस किसान की फसल खराब हुई है, उसे नियमों के हिसाब से मुआवजा राशि दी जाएगी।
