हरिद्वार। भारतीय गौक्रांति मंच द्वारा उत्तराखंड में गौमाता को “राज्यमाता” घोषित किए जाने की पहल के समर्थन में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि गौमाता को “राष्ट्रमाता” का संवैधानिक दर्जा देने की मांग लंबे समय से देशभर में उठती रही है और अब यह व्यापक जनभावना का रूप ले चुकी है।
बताया गया कि संत समाज, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न वर्गों में इस विषय को लेकर व्यापक सहमति बन रही है। मंच द्वारा इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पूज्य गुरुवर गोपालमणि जी महाराज के मार्गदर्शन में देशभर में गौकथाओं, जनजागरण अभियानों और दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैलियों के माध्यम से इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है।
वक्ताओं ने जानकारी दी कि पूर्व में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं द्वारा गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। हालांकि, यह विषय राज्य सूची से जुड़ा होने के कारण अब राज्य स्तर पर “राज्यमाता” घोषित करने की दिशा में पहल आवश्यक हो गई है।
इसी क्रम में उत्तराखंड विधानसभा में धनौल्टी क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह पंवार द्वारा नियम-87 के अंतर्गत गौमाता को “राज्यमाता” घोषित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर चर्चा के लिए समय भी निर्धारित किया जाएगा।
भारतीय गौक्रांति मंच ने जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद में राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह पंवार के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि आगामी सत्र में इस विषय पर गंभीरता से विचार कर ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।
प्रेस वार्ता में मंच के संरक्षक बलवीर सिंह पंवार, शूरवीर सिंह मटूडा (गौ-सांसद, बिजनौर), यशवंत सिंह रावत (प्रदेश महासचिव एवं गौ-सांसद, पौड़ी), अनुसूया प्रसाद उनियाल (टिहरी), आनंद सिंह रावत (जिला अध्यक्ष), तेजराम नौटियाल (जिला सचिव) सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
