करनाल: हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने हाल ही में हुई राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलों पर खुलकर अपनी बात रखी. दिल्ली में हुई कांग्रेस की अहम बैठक, शिक्षिका सुलेखा दलाल के निलंबन, संगठन के विस्तार, नीट परीक्षा विवाद और महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे जैसे कई ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया. बता दें कि करनाल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने हरियाणा के सभी जिलों के अध्यक्षों के साथ बैठक की. बैठक में पार्टी को मजबूत करने के मुद्दे पर मंथन किया.
कर्मचारियों को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की सलाह: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शन में हरियाणा की महिला शिक्षिका सुलेखा दलाल शामिल हुई थी. जिसे सस्पेंड कर दिया गया है. इस मामले पर राव नरेंद्र ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और राजनीतिक दल को सरकार के गलत फैसलों के खिलाफ आवाज उठाने का पूरा अधिकार है, क्योंकि हमारे देश में तानाशाही नहीं है. हालांकि उन्होंने एक महत्वपूर्ण नसीहत देते हुए कहा ये मेरा निजी विचार है कि किसी का समर्थन करना किसी का व्यक्तिगत अधिकार हो सकता है, लेकिन एक शिक्षित नागरिक और सरकारी नौकरी में होने के नाते, कर्मचारियों को इस तरह के राजनीतिक या सार्वजनिक प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए.
कांग्रेस संगठन को किया जाएगा मजबूत: कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर विराम लगाते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया कि 29 सितंबर को आए आलाकमान के आदेश में केवल दो ही मुख्य फैसले थे. पहला, उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई, और दूसरा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीएलपी लीडर नियुक्त किया गया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार कोई भी कार्यकारी अध्यक्ष नहीं बनाया गया है. संगठन को मजबूती देने के लिए जल्द ही प्रदेश स्तर की बॉडी तैयार की जाएगी, जिसमें वाइस प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी.
‘सड़क पर उतरकर जनता की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस’: दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक का ब्योरा देते हुए राव नरेंद्र ने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में देश और प्रदेश के कई गंभीर मुद्दों पर गहन मंथन हुआ है. इसमें नीट परीक्षा में हुई धांधली और लगातार बढ़ती महंगाई जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. सरकार द्वारा प्रदर्शनों पर लगाई जा रही पाबंदियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस और केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही जनता की लड़ाई लड़ने सड़कों पर उतरेगा. उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा सरकार चाहे हमारे खिलाफ मामले दर्ज करे या हमें जेल में डाले, कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है. हम मजबूती से जनता के हक की लड़ाई लड़ेंगे.
रेनू भाटिया का इस्तीफा और कुरुक्षेत्र विवाद: कुरुक्षेत्र के अस्पताल की घटना को राव नरेंद्र ने बेहद निंदनीय बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि जिस व्यक्ति को पहले ही किसी मामले में सजा हो चुकी थी, उसे दोबारा सेवा में रखने की सरकार को क्या नौबत आ गई थी? वहीं रेनू भाटिया के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि रेनू भाटिया को भी अपने पद पर रहते हुए ऐसे शब्दों का चयन नहीं करना चाहिए था. जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे. उन्होंने अनुमान जताते हुए कहा कि प्रदेश में चल रही नर्सों की हड़ताल के मामले में कहीं कोई चूक हुई होगी, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया है, हालांकि इस पर बेहतर स्थिति वही स्पष्ट कर सकती हैं.
