देहरादून: देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक का मामला विपक्ष के लिए अभी बड़ा मुद्दा बना हुआ है. स्थिति ये है कि अब विपक्षी दल कांग्रेस तमाम राज्यों में भी इस मामले पर हल्ला बोल रहे हैं. इसी मामले में कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने देहरादून में प्रदेश के बड़े नेताओं के साथ मिलकर नीट (NEET) पेपर लीक पर अपनी मांगें रखी. साथ ही केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की भी चेतावनी दी.
पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर सरकार पर बरसीं रंजीत रंजन: देशभर में पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.
‘छात्रों की गूंज’ अभियान का आगाज: देहरादून में राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की शुरुआत की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह 40 दिनों का विशेष अभियान होगा, जिसके तहत देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेज परिसरों, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को उठाया जाएगा.
बार-बार पेपर लीक से टूट रहे युवा: उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज है, जिनकी मेहनत और सपने बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और संस्थागत विफलताओं के कारण प्रभावित हो रहे हैं.
एनटीए की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल: रंजीत रंजन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने इसे पारदर्शी और आधुनिक परीक्षा व्यवस्था के नाम पर छात्रों पर थोपा था, लेकिन आज यह संस्था छात्रों के लिए परेशानी और अविश्वास का प्रतीक बन गई है.
“पिछले कुछ सालों में देशभर में करीब 89 से ज्यादा पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े मास्टरमाइंड, राजनीतिक संरक्षण देने वाले व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं हो पाया है. कार्रवाई केवल छोटे बिचौलियों और मोहरों तक सीमित रही है, जबकि असली सरगना अब भी कानून की पकड़ से बाहर हैं.“- रंजीत रंजन, राज्यसभा सांसद, कांग्रेस
राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने नीट परीक्षा से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों ने सालों तक कठिन परिश्रम किया और उनके परिवारों ने अपनी जमा पूंजी उनकी पढ़ाई पर खर्च की, लेकिन परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली और अनियमितताओं ने उनके सपनों को तोड़ दिया.
देशभर में कई छात्र कर चुके आत्महत्या: उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. रंजीत रंजन ने दावा किया कि नीट परीक्षा विवाद और अन्य परीक्षा घोटालों के कारण कई छात्र मानसिक तनाव, अवसाद और निराशा का शिकार हुए हैं. उन्होंने कहा कि देशभर में 20 से ज्यादा छात्रों के आत्महत्या किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं.
देहरादून की नीट छात्रा रिया थापा आत्महत्या का मुद्दा उठाया: रंजीत रंजन ने देहरादून की छात्रा रिया थापा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मौत, लाखों युवाओं का भविष्य और पूरे देश का भरोसा टूटना भी किसी मंत्री को जवाबदेह नहीं बनाता, तो फिर जवाबदेही का अर्थ ही समाप्त हो जाता है.
रिया थापा को दी गई श्रद्धांजलि: वहीं, सभी ने रिया थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. इस दौरान नीट परीक्षा में शामिल हुए दो छात्र भी मौजूद रहे, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली से जुड़ी अपनी चिंताओं और अनुभवों को साझा किया.
कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें भी रखीं-
- पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है. पार्टी का कहना है कि पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों और उन्हें मिलने वाले कथित राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
- दूसरी मांग परीक्षा प्रणाली के व्यापक सुधार की है, जिसके तहत एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन, परीक्षा केंद्रों, डिजिटल सिस्टम और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट्स की जांच कर पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए.
- तीसरी मांग तय वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर लागू करने की है. ताकि, परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की समयसीमा पहले से घोषित हो और उसका सख्ती से पालन किया जाए.
छात्र करा सकते हैं पंजीकरण: कांग्रेस नेताओं ने बताया कि छात्रों की गूंज अभियान के तहत छात्रों और अभ्यर्थियों को सीधे जोड़ने के लिए एक मिस्ड कॉल नंबर 9873036161 जारी किया गया है. साथ ही छात्रों से अभियान की वेबसाइट https://chhatronkigoonj.in/ पर पंजीकरण कर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने की अपील भी की गई है.
कांग्रेस के इस अभियान और केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों के साथ स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहेंगे. पार्टी ने साफ कर दिया है कि छात्रों के हितों से जुड़े सवालों पर उसका आंदोलन आगे और तेज होगा. शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए वो लगातार दबाव बनाए रखेगी.
