बद्दी (सोलन)। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जिला सोलन के बद्दी में हिम चंडीगढ़ शहर बसाने के फैसले का विरोध हो रहा है। बद्दी के निकट शीतलपुर व मलपुर क्षेत्र में प्रस्तावित ‘हिम चंडीगढ़’ सिटी परियोजना को लेकर किसानों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। किसानों का कहना है कि भले ही सरकार ने निजी भूमि के अधिग्रहण से राहत दे दी हो, लेकिन चरागाह और वन भूमि पर शहर बसाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
किसानों ने बनाई रणनीति
इस मुद्दे पर शीतलपुर में देवीराम लंबरदार की अध्यक्षता में किसानों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व प्रधान भाग सिंह कुंडलस और हिमालय जनकल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. आरएस राणा भी मौजूद रहे।
चरागाह पर न हो निर्माण
किसान नेता देवीराम लंबरदार ने कहा कि उन्हें शहर बसाने से आपत्ति नहीं है, लेकिन यह निर्माण किसानों की चरागाह भूमि पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई गांव आज भी खेतीबाड़ी और दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं।
वन भूमि पर पेड़ काटकर नया शहर बसाना गलत
पूर्व प्रधान भाग सिंह कुंडलस ने कहा कि शीतलपुर से किशनपुरा तक हजारों बीघा वन भूमि पर पेड़ काटकर नया शहर बसाना गलत निर्णय है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शहर बसाना ही है तो नंदपुर के पास पहाड़ी क्षेत्र में पड़ी खाली भूमि का उपयोग किया जा सकता है।
किसान मोर्चा संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की और क्षेत्र की हरियाली बचाने की अपील की।
16 अप्रैल को सोलन में जनसुनवाई
किसानों ने बताया कि 16 अप्रैल को सोलन में जिलाधीश द्वारा आयोजित जनसुनवाई में वे एक बार फिर अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी लिखित आपत्तियां दी जा चुकी हैं, लेकिन अब भी वे अपने रुख पर कायम रहेंगे और विरोध जारी रखेंगे। बैठक में चिंतन कुमार चौधरी, रामलाल सहित कई किसान नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
