कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने कहा, देश में इस समय सांसदों की जो खरीद-फरोख्त चल रही है, वे साल 1975 से भी बड़ी इमरजेंसी है। ऐसी स्थिति तो अटल और आडवाणी के समय में भी नहीं थी। चंडीगढ़ पहुंचे राजीव शुक्ला ने केंद्र और यूपी सरकार को निशाने पर लिया। शुक्ला ने कहा, कुछ सांसदों को तोड़कर अपने साथ मिला लेने से भाजपा बहुत मजबूत और इंडिया गठबंधन कमजोर नहीं हो जाएगा। विपक्ष की एकता ही इंडिया गठबंधन की ताकत है।
शुक्ला ने कहा, इन दिनों भाजपाई साल 1975 के इमरजेंसी के दौर की बातें कर रहे हैं, मगर आज जो इमरजेंसी चल रही है, उस तरफ भाजपा का ध्यान नहीं है। बंगाल में भाजपा की जीत के सवाल पर शुक्ला ने कहा, भाजपा वहीं जीतती है जहां गड़बड़ियां कर पाती हैं, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल, यहां भाजपा क्यों नहीं है, क्योंकि यहां भाजपा गड़बड़ी नहीं कर पाती। अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले में शुक्ला ने कहा, इस मामले में इससे बड़ी लापरवाही और क्या होगी कि अभी तक इस आपराधिक घटना में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है।
यह यूपी सरकार पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। इतनी बड़ी धांधली हो गई और अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस देश में भगवान का चढ़ावा ही सुरक्षित नहीं है, वहां और क्या सुरक्षित रहेगा।
पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की गूंज शुरू करेगी कांग्रेस
शुक्ला ने कहा, कांग्रेस ने देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियों और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ नाम से 40 दिनों का अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं, बार-बार परीक्षा रद्द होने और देरी के खिलाफ छात्रों को एकजुट करना है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष राजिंदर लक्की ने बताया कि यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा। इसके तहत कोचिंग सेंटर, विश्वविद्यालय, छात्रावास, लाइब्रेरी और सार्वजनिक स्थानों पर छात्रों से संवाद किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अभियान की शुरुआत 30 जून से होगी। इसके तहत पर्चे बांटे जाएंगे, नुक्कड़ सभाएं होंगी और छात्रों से सीधे संवाद किया जाएगा। 9 अगस्त को नई दिल्ली में संसद घेराव किया जाएगा। शुक्ला ने कहा, आगामी मानसून सत्र में कांग्रेसी सांसद इस मुद्दे को संसद में उठाकर सरकार की घेराबंदी करेंगे।
