लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की। इस दौरान प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए लाभांश बढ़ाने की घोषणा भी की गई। अब कोटेदारों को प्रति क्विंटल 125 रुपये का लाभांश मिलेगा, जो पहले 90 रुपये था।
कोटेदारों का लाभांश 35 रुपये बढ़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लाभांश में 35 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसमें 10 रुपये केंद्र सरकार और 25 रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लाभांश में 25 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उचित दर विक्रेता सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। फेयर प्राइस शॉप संचालक गरीब, निराश्रित, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
100 क्विंटल अनाज वितरण पर अब 16,250 रुपये लाभांश
सीएम योगी ने बताया कि औसतन एक उचित दर विक्रेता को करीब 100 क्विंटल अनाज का आवंटन होता है। पहले 90 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 12,750 रुपये प्रतिमाह लाभांश मिलता था। अब 125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 100 क्विंटल वितरण पर यह राशि बढ़कर करीब 16,250 रुपये हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा दुकान से होने वाला मुनाफा अलग है। यानी बिक्री बढ़ने के साथ कोटेदार की आय भी बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री ने इसे उचित दर विक्रेताओं के लिए पहली बार की जा रही 30 फीसदी मार्जिन मनी बढ़ोतरी बताया।
सीएम योगी बोले- काम ऐसा करें जिसमें सम्मान हो
मुख्यमंत्री ने उचित दर विक्रेताओं से कहा कि ऐसा काम करना चाहिए जिसमें सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि सम्मान से जुड़ा काम व्यक्ति के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। सीएम ने 2017 से पहले और बाद की राशन व्यवस्था में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार मुफ्त राशन दिया जा रहा है। जरूरतमंदों और दिव्यांगजनों तक राशन घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन और 1.53 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, 10 हजार राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया गया है।
बेसिक शिक्षा में बदलाव का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में बेहतर फ्लोरिंग, अलग-अलग शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और फर्नीचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार की ओर से करीब 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही। सीएम ने कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत अब बच्चों की शिक्षा में भी सुधार हुआ है। बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ वाक्य विन्यास, विज्ञान, अंग्रेजी और गणित की पढ़ाई पर भी बेहतर पकड़ बना रहे हैं।
किसानों से सीधे खरीद का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले किसानों से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न में व्यापक स्तर पर अनियमितताओं की शिकायतें थीं और बिचौलियों के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों से सीधे धान, गेहूं, दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खरीद कर रही है। भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
