चंबा: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के चंबा प्रवास के दौरान मां से तीन साल की दूरी का दर्द एक बेटी की आंखों से आंसू बनकर छलक पड़ा. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. चौथी कक्षा तक मां के साथ रहने वाली वंशिका ठाकुर अपनी मां के तबादले की फरियाद लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास पहुंची थी. इस दौरान उसने मुख्यमंत्री से भावुक अपील की कि उसकी मां को घर के नजदीक किसी स्कूल में तैनाती दी जाए ताकि वह उनके साथ रह सके.
वहीं, वंशिका की पीड़ा सुनने के बाद सीएम सुक्खू ने उसे और उसकी मां को भरोसा दिलाया कि अध्यापिका नारो को उनके विधानसभा क्षेत्र में घर के नजदीक किसी स्कूल में तैनात करने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे. मुख्यमंत्री के आश्वासन के एक दिन बाद ही शिक्षा विभाग ने जेबीटी नारो देवी के ट्रांसफर जारी कर दिए. जिसके बाद तीन वर्षों से मां और बेटी की चली आ रही दूरी जल्द खत्म हो गई.
बता दें कि चुराह क्षेत्र की जेबीटी अध्यापिका नारो पिछले करीब तीन वर्षों से शिमला जिले के नेरवा में सेवाएं दे रही थी. घर से लगभग 700 किलोमीटर दूर तैनाती होने के कारण उसके परिवार को अलग रहना पड़ रहा था. वंशिका ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह चौथी कक्षा तक मां के साथ रहती थी, लेकिन अब पांचवीं कक्षा में उसका दाखिला घर के नजदीक स्कूल में करवाना पड़ा है. वह नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी कर रही है. मां के दूर रहने से उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वहीं, इस दौरान उसने चंद्रू स्कूल में शिक्षकों की कमी का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया. उसने बताया कि पिछले वर्ष स्कूल में पांच शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया. कारणवश स्कूल में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं.
