देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य की नई पीढ़ी के साथ सीधे संवाद कर भविष्य के उत्तराखंड की रूपरेखा पर मंथन करेंगे। युवाओं की सोच, अपेक्षाओं और सुझावों को नीति निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम का शुभारंभ 10 अगस्त से किया जाएगा।
इस अभिनव पहल में प्रदेश के 2,800 से अधिक विद्यालयों के कक्षा 11 और 12 के तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार और सुझाव मुख्यमंत्री के साथ साझा करेंगे।
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें वे विद्यार्थी भाग ले रहे हैं, जिनका जन्म उत्तराखंड राज्य गठन के बाद हुआ है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में यही युवा राज्य की विकास यात्रा के प्रमुख भागीदार होंगे। विद्यार्थियों से हिंदी अथवा अंग्रेजी में विभिन्न विषयों पर सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
विद्यार्थी बताएंगे कैसा हो अपना उत्तराखंड
विद्यार्थियों से पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर, वन एवं पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, राज्य के विकास में महिलाओं की भूमिका, सड़क एवं कनेक्टिविटी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा तकनीकी विकास जैसे विषयों पर सुझाव मांगे जाएंगे
24 अगस्त तक ऑनलाइन भेज सकेंगे प्रविष्टियां
विद्यार्थी अपने विद्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टियां अपलोड कर सकेंगे। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। सफलतापूर्वक प्रविष्टि जमा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को डिजिटल प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। अनुमान है कि तीन लाख से अधिक विद्यार्थी इसमें भाग लेंगे।
150 श्रेष्ठ सुझावों पर मुख्यमंत्री करेंगे मंथन
प्राप्त सुझावों में से करीब 150 उत्कृष्ट प्रविष्टियों का चयन विशेषज्ञों की टीम करेगी। चयनित विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री धामी आमने-सामने संवाद करेंगे। मंथन सत्र में संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे। उपयोगी सुझावों को नीति और विकास योजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
संवाद की संस्कृति को हमेशा प्राथमिकता दी: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा संवाद की संस्कृति को प्राथमिकता दी है। राज्य गठन के बाद जन्मी नई पीढ़ी की सोच, अपेक्षाएं और तकनीक के प्रति दृष्टिकोण अलग है। उनकी बात सुनना और समझना जरूरी है। नई सोच और तकनीक के साथ उत्तराखंड देश और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा।
