वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की गुरु कृपा कुंज आश्रम में मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग ने मामले में अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दिल्ली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा राजपूत ने मानवाधिकार आयोग में इस मामले की शिकायत कर घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की थी।
शिकायत में सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, मृतक के कमरे से संबंधित परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य प्रासंगिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने रसिक दुलारी के जीवन और गरिमा के अधिकार को लेकर भी जांच की आवश्यकता जताई है। आयोग ने मामले की प्रकृति को देखते हुए शिकायत की प्रति अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन को भेजकर प्रकरण में जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देश के बाद अब पुलिस स्तर पर होने वाली जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्राइवेट पार्ट कटा था, कमरे से मिला था टुकड़ा
युवा साधु रसिक दुलारी शरण ने पिछले शुक्रवार को आश्रम की इमारत से कूद कर जान दे दी थी। उसका प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस ने जांच में उसके कमरे से कटा पड़ा प्राइवेट पार्ट, काटने में इस्तेमाल कटर आदि बरामद किया था। शव का पोस्टमार्टम करा उसे परिजनों को सौंप दिया गया था। हालांकि मौत और आत्महत्या का कारण अभी तक नहीं पता चल सका है।
मौत की जांच में कई टीमें लगीं
एसएसपी श्लोक कुमार ने एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में कई टीमों को मौत के कारणों की तह तक पहुंच कर जांच करने में लगाया है। पुलिस टीम द्वारा आश्रम में लगे सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में करने के साथ ही डीवीआर, मृतक का मोबाइल, उसके खून का सैम्पल कलेक्ट करा फोरेंसिक लैब जांच के लिये भिजवा दिया है।
जबलपुर भी जा रही एक टीम
एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार दीपक के साथ रहने वाले उसके सभी साथियों के अलावा मृतक के परिवारीजन आदि के बयान लिए जा रहे हैं। एक टीम जबलपुर भी जाएगी वह मृतक के परिजनों के भी बयान लेगी। इस दौरान यह भी जानने का प्रयास किया जाएगा कि मृतक के परिजनों को पूर्व में वृंदावन आने पर ऐसा क्या कारण रहा कि उन्हें दीपक से मिलने नहीं दिया?
जान देने का कारण अब भी पता नहीं
पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके की दीपक के मौत किन परिस्थिति में किन कारणों से हुई है। पुलिस द्वारा गुरुकृपा कुंज में रह रहे अन्य साधकों से भी पूछताछ की गई है, जिसमें रसिक दुलारी शरण के व्यवहार, मानसिक स्थिति को लेकर सवाल जवाब किए गए। इसमें मिली जानकारी के अनुसार साधक शांत स्वभाव का था।
