हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और समिति सभापति कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में याचिका समिति की बैठक संपन्न हुई। 1 जुलाई को विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में हुई इस बैठक में कुल 118 याचिकाओं में से 55 का निपटारा किया गया। समिति सदस्य विधायक चंद्रशेखर और विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा भी बैठक में मौजूद रहे। इस बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की तीन और कार्मिक विभाग की एक याचिका पर सचिव स्वास्थ्य का मौखिक साक्ष्य लिया गया। शिक्षा विभाग की आठ याचिकाओं में से छह के पुन: परीक्षण का आदेश दिया गया। एक मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि एक अन्य में विभाग से उत्तर अपेक्षित है। करुणामूलक नियुक्तियों के लिए एक नई नीति अनुमोदित की गई है, जो जल्द अधिसूचित होगी। इससे आय सीमा के कारण रद्द हुए आवेदनों वाले अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने का अवसर मिलेगा। विद्युत विभाग से संबंधित छह याचिकाओं में से दो का निपटारा हुआ, दो पुन: परीक्षण के लिए और दो लंबित हैं।
कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि समिति को अब तक कुल 118 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें से 55 याचिकाओं का निपटारा किया जा चुका है। चार याचिकाएं ठोस आधार नहीं होने के कारण संबंधित अभ्यर्थियों को वापस लौटाई गई हैं। 32 याचिकाओं में विभागों से उत्तर अपेक्षित हैं, जबकि 24 के उत्तर प्राप्त हो चुके हैं। इन 24स याचिकाओं पर अगली बैठक में सुनवाई होगी। पठानिया ने कहा कि याचिका समिति का गठन 28 वर्षों बाद गरीबों को त्वरित और मुफ्त न्याय दिलाने के लिए हुआ है। कोई भी प्रताड़ित व्यक्ति मुफ्त न्याय पाने के लिए समिति के समक्ष आवेदन कर सकता है। आज की आंतरिक बैठक में 17 याचिकाओं का पुनरावलोकन किया गया। इनमें से 13 का पुन: परीक्षण किया जाएगा, 2 का निपटारा हुआ और 2 अगली बैठक तक लंबित रहेंगी।
