नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखंड फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार के.एस. फर्स्वाण ने फार्मेसी सेवाओं को और अधिक जनोपयोगी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में कम से कम दो फार्मासिस्ट के पद सृजित करने तथा बड़े चिकित्सालयों में प्रति 50 ओपीडी रोगियों पर एक फार्मासिस्ट का मानक निर्धारित करने का सुझाव दिया है।
यह सुझाव नई दिल्ली में आयोजित फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की 12वीं आम बैठक में देशभर के राज्यों के फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्षों और रजिस्ट्रारों की उपस्थिति में रखा गया।
रजिस्ट्रार के.एस. फर्स्वाण ने बैठक में कहा कि वर्तमान में सरकारी चिकित्सालयों के लिए निर्धारित IPHS मानकों में फार्मासिस्ट के पदों का स्पष्ट और व्यवहारिक मानक निर्धारित नहीं किया गया है, जबकि फार्मेसी सेवा किसी भी चिकित्सकीय व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीएचसी में कम से कम दो फार्मासिस्ट के पद आवश्यक हैं, ताकि 24 घंटे प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और दवाओं के कार्य में अप्रशिक्षित लोगों के हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने फार्मेसी शिक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया।
रजिस्ट्रार ने बताया कि कई शिक्षण संस्थान डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी-फार्म) और बी-फार्मा पाठ्यक्रमों में ऐसे छात्रों को प्रवेश दे देते हैं, जिन्होंने इंटरमीडिएट स्तर पर अनिवार्य विषयों में से किसी एक को उत्तीर्ण नहीं किया होता। इसके चलते प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद भी ऐसे छात्रों का फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण नहीं हो पाता और उनका भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई और प्रवेश प्रक्रिया में सख्ती बरतने का सुझाव दिया।
इसके अतिरिक्त, फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने बी-फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश नीट (NEET) अथवा जेईई (JEE) के माध्यम से कराए जाने का भी प्रस्ताव रखा।
पीसीआई की इस बैठक में रजिस्ट्रार के.एस. फर्स्वाण ने राजकीय फार्मेसी अधिकारी संगठन की मांग को भी सदन के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती एवं महामंत्री सतीश चंद्र पांडेय ने राज्य फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त किया और संघ की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए धन्यवाद दिया।
