कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को ढ़ाई बजे के करीब पिपली अनाज मंडी में पहुंच मंडी गेट के पास ही गेहूं में नमी की जांच करवाई और अधिकारियों से खरीद व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को खरीद को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद वह वहीं से वापस हो लिए। जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अनाज मंडी में पहुंचे उस समय भी ई-खरीद पोर्टल बंद होने के चलते गेट पास नहीं बन पा रहा था। अनाज मंडियों के गेट के पास ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइनें लगने पर इनकी मैनुअल एंट्री शुरू की गई थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में सफलतापूर्वक बिना किसी रुकावट के चल रहा है। इस दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आ रही है। किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद की जाएगी।
इस वर्ष रबी खरीद 2026-27 के दौरान 12 अप्रैल तक लगभग 39.65 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है और लगभग 2.44 लाख किसानों का 30.90 लाख मीट्रिक टन गेहूं हेतु बायोमैट्रिक सत्यापन हो चुका है, 10.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है और लगभग 188 करोड़ की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे तौर पर स्थानांतरित हो चुकी है।
उन्होंने अनाज मंडी के गेट पर गेट पास बनाने की प्रक्रिया को जाना, इसके बाद खरीद व्यवस्था का देखा और किसानों से बातचीत कर अनाज मंडी में गेहूं बेचने के दौरान आने वाली समस्याओं व दिक्कतों को जाना। उन्होंने कहा कि 6, 7 व 8 अप्रैल को बारिश के कारण प्रदेश के चार जिलों फतेहाबाद, हिसार, सिरसा व कुरुक्षेत्र के कुछ गांवों में फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी।
उन्होंने स्वयं संबंधित जिलों के उपायुक्तों से बात कर स्थिति का पता लगाया और फसलों को हुए नुकसान एवं भरपाई के लिए पोर्टल खोला हुआ है। इनमें कुरुक्षेत्र के 6 गांव, फतेहाबाद जिले के 9 गांव, हिसार के 10 गांव व सिरसा के 2 गांव शामिल हैं।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश मथाना, मंडी एसोसिएशन प्रधान जोगिंद्र रामगढ़ और महासचिव धर्मपाल मथाना मौजूद रहे।
