हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने ‘विकसित हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है, जिसके तहत वर्ष 2030-31 तक प्रत्येक विभाग के लिए स्पष्ट रोडमैप और चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि हरियाणा को औद्योगिक, तकनीकी, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की व्यापक रणनीति है। मुख्यमंत्री स्वयं आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं ताकि तय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके। पहले चरण में वर्ष 2030-31 तक की विकास योजना तैयार की जा रही है, जिसके बाद हर पांच वर्षों के लिए अलग-अलग चरणबद्ध योजनाएं बनाई जाएंगी।
राव नरबीर सिंह ने बताया कि हाल ही में मंत्रिमंडल ने निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्यात और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दी है। इन सभी नीतियों को शामिल करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1 जून 2026 को गुरुग्राम से नई ‘हरियाणा औद्योगिक नीति-2026’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह नई नीति ‘HEEP-2020’ का स्थान लेगी।
नई नीतियों में ‘मेक इन हरियाणा’ औद्योगिक नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति-2026, फार्मास्यूटिकल एवं चिकित्सा उपकरण विनिर्माण नीति-2026, खिलौना एवं खेल उपकरण विनिर्माण नीति-2026, इलेक्ट्रॉनिक कचरा पुनर्चक्रण नीति-2026, वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2026, IT/ITES, AI एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026, AVGC-XR नीति-2026, डेटा सेंटर नीति-2026 तथा कृषि व्यवसाय एवं कृषि प्रसंस्करण नीति-2026 शामिल हैं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि इन नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से वर्ष 2030-31 तक राज्य में करीब 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
