यूपी के वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम दीक्षा लेने आया एक किशोर गायब हो गया है। सादाबाद के गायब 17 साल के अ नुज चौधरी के परिजन संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज के सामने धरने पर बैठ गए हैं। अपने बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग पर बैठे परिजनों ने आश्रम के शिष्यों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। करीब आठ घंटे बाद पुलिस द्वारा समझाने पर धरना समाप्त कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार जनपद हाथरस के गांव बारामाई खेड़ा थाना सादाबाद के रहने वाले राजवीर चौधरी का 17 साल का बेटा अनुज चौधरी तीन जुलाई से लापता है। परिजनों का आरोप है कि 26 जून को अनुज चौधरी ने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ग्रहण की थी। जिसके साक्ष्य उनके पास मौजूद है। इसके बाद तीन जुलाई को अनुज आश्रम जाने की कहकर घर से आया था। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं लग सका है। पिता का कहना है कि वह पिछले तीन महीने से लगातार चक्कर काट रहे हैं लेकिन आश्रम वासी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। उनका शक है उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी नहीं हो गई हो। आश्रम वासियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं देने से क्षुब्ध होकर अनुज के परिजन व ग्रामीण शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे आश्रम के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए।
अनुज की दादी, मां ,चाची बहनें भी धरने पर बैठी हुई हैं। इधर ग्रामीणों द्वारा धरना शुरू करने की सूचना मिलते ही वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सीओ संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार अनुज के परिजनों को समझाने पहुंचे लेकिन परिजनों ने साफ कह दिया कि अनुज की सकुशल वापसी तक वे धरने से नहीं हटेंगे।
आश्रम के साधक ने भी की बात
परिजनों द्वारा धरना शुरू कर दिये जाने के लगभग तीन घंटे बाद आश्रम के एक साधक ने भी अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों से बात करने का प्रयास किया लेकिन परिजन अपनी बात पर अडिग रहे। उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें उनका बालक चाहिये। जब तक वह नहीं मिलता, वह धरने से हटने वाले नहीं हैं।
आश्रम में गई पुलिस
पुलिस द्वारा परिजनों को समझाने के लिए आश्रम में जाकर देखा गया। सीओ संदीप सिंह ने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ आश्रम के अंदर का जायजा लिया, लेकिन बात नहीं बनी।
आठ घंटे बाद समाप्त हुआ धरना
शाम करीब 7:30 बजे पुलिस ने परिजनों को समझाया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि वह गायब किशोर को खोज लेंगे। पुलिस ने जल्द ही पता लगाने का आश्वासन दिया और परिजनों को मना लिया। इसके बाद परिजन मान गये और धरना समाप्त कर दिया।
चार बहनों का इकलौते भाई है अनुज
चार बहनों के इकलौते भाई की तलाश में परिवार हलकान है। परिजन रो-रोकर अनुज को पुकार रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि संत प्रेमानंद के शिष्यों ने उनके बेटे को जबरन अपने कब्जे में ले रखा है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जनपद हाथरस के गांव बरामाई खेड़ा थाना सादाबाद के रहने वाले राजवीर चौधरी और उनके परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। उनके घर का इकलौता चिराग अनुज पिछले तीन महीने से लापता है। घर से प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने की कहकर निकले अनुज का अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। अनुज के पिता राजवीर का कहना है कि इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के बाद अनुज वृंदावन प्रेमानंद महाराज के दर्शनों के लिए आया था। उसके बाद उसका मन भक्ति में रम गया और बीती 26 जून को अनुज ने विधिवत प्रेमानंद महाराज की दीक्षा ले ली। दीक्षा लेने के बाद अनुज घर पहुंचा और 3 जुलाई को दोबारा घर से आश्रम जाने के लिए निकला था। पिता के अनुसार अनुज अपने साथ दीक्षा में मिली कंठी माला और प्रेमानंद महाराज की तीन पुस्तकें लेकर गया था। इसके बाद से उनके बेटे का कुछ पता नहीं लग सका है।
घर भेजने की कह कर टालते रहे आश्रम के लोग
अनुज के पिता ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से लगातार राधा केलि कुंज के चक्कर काट रहे हैं। हर बार आश्रम में मौजूद साधकों द्वारा उन्हें अनुज को घर भेज देंगे कहकर लगातार टालते रहे। उनका कहना है कि कभी आश्रम में कहा जाता कि अनुज यहां नहीं है, कभी जल्द ही मिलवाने का आश्वासन दिया गया और कभी कहा गया कि जल्दी घर भेज देंगे लेकिन उन्हें कभी भी बेटे से नहीं मिलवाया गया। पुलिस में शिकायत की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। दुखी होते हुए लापता किशोर के पिता ने कहा कि उनकी इनसे कोई लड़ाई दंगा नहीं है। वह तो यही चाहते हैं कि उनका बेटा वापस कर दें, यही उनकी मांग है। अनुज की दादी, मां, चाची, चारों बहनें अपने घर के दुलारे की सकुशल वापसी की कामना कर रहे हैं।
