यूपी की योगी सरकार मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट लेकर आ रही है। तकरीबन 40 हजार करोड़ रुपये के आकार वाले इस अनुपूरक बजट में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बढ़े मानदेय का रास्ता साफ हो सकता है। इसके साथ ही छात्राओं को स्कूटी के लिए ज्यादा धन और वकीलों को कैशलेस इलाज के लिए अतरिक्त रकम के अलावा चुनावी साल में कुछ नई घोषणाओं को भी शामिल किया जा सकता है। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाना इसी कड़ी का हिस्सा होगा। इससे पहले सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में इजाफा कर चुकी है।
कृषक छात्रवृत्ति योजना में भी बढ़ोतरी
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में दो हजार रुपये बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त राशि की व्यवस्था इस अनुपूरक बजट में हो सकती है। योगी सरकार ने फरवरी में वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट पास किया था। अगले साल प्रस्तावित चुनाव के पहले सरकार विकास कार्यों के अलावा अलग-अलग लाभार्थी वर्ग के लिए विभिन्न योजनाओं में रकम का इंतजाम करके उन्हें साधने की कोशिश करेगी।
मेधावी छात्राओं को स्कूटी की प्रस्तावित रकम में इजाफा संभव है। फरवरी में पास हुए मूल बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। वीबी-जीरामजी योजना के लिए विभिन्न मदों में पैसे के इंतजाम करने के अलावा सरकार मनरेगा के बकाया भुगतान के लिए भी खजाना खोलेगी। ग्राम्य विकास विभाग को करीब दस हजार करोड़ रुपये इसके लिए दिए जा सकते हैं।
लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए रकम का आवंटन बढ़ेगा
सूत्र बताते हैं कि अनुपूरक बजट का बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे के विकास की परियोजनाओं पर ही खर्च किया जाएगा। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे और विंध्य क्षेत्र की प्रस्तावित परियोजनाओं को गति देने के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है।करीब 40 हजार करोड़ की परियोजनाओं में से सरकार 10-12 हजार करोड़ का प्रावधान कर सकती है।
कई योजनाओं में अतिरिक्त बजट
बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ी परियोजनाओं में अतिरिक्त रकम दी जा सकती है। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से सरकार मथुरा और अन्य क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त रकम की व्यवस्था करती दिखाई देगी।
स्वास्थ्य-शिक्षा को भी बूस्टर डोज
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी चल रही परियोजनाओं को इस अनुपूरक में बूस्टर डोज मिलने की उम्मीद है। जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और मेडिकल कॉलेजों के लिए पैसे का इंतजाम सकता है। सूत्र बताते हैं कि चल रही योजनाओं के विस्तार और अधूरी परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए सरकार बजट में इंतजाम करती दिखाई देगी।
