पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य किया है।
इस व्यवस्था के तहत खरीद केंद्रों पर लाई गई फसल का किसान द्वारा पंजीकृत फसल से मिलान सुनिश्चित हो सकेगा। इससे फसल सत्यापन प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।
खरीद प्रक्रिया में किसान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। बुधवार तक मंडियों में पहुंच चुकी गेहूं का 75 प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब तीन नामांकित व्यक्तियों को भी बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए अनुमति दी गई है।
सीएम नायब सैनी ने दी जानकारी
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष खरीद व्यवस्था को लेकर बेवजह दुष्प्रचार कर किसानों को गुमराह कर रहा है। किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार ने खरीद प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं तथा प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को मंडियों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपायुक्तों को जिला स्तर पर खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है। मंत्री और विधायक भी लगातार मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
लोकेशन आधारित निगरानी होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी मंडियों और गोदामों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है। इससे अनाधिकृत उपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी और लोकेशन आधारित निगरानी प्रणाली और मजबूत होगी।
अब तक 416 गेहूं मंडियों, 112 सरसों मंडियों तथा अधिक आवक की स्थिति से निपटने के लिए 179 अतिरिक्त स्थलों की जियो-फेंसिंग पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा 1,344 भंडारण स्थलों की जियो-फेंसिंग की गई है।
मंडियों में माल का पता लगाने तथा जवाबदेही बढ़ाने के लिए एंट्री गेट पास जारी करते समय वाहन नंबर और वाहन/लोड की फोटो दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुत पुराने या नय़े वाहनों के मामलों में, जहां वाहन नंबर उपलब्ध नहीं होता, वहां केवल वाहन की फोटो के आधार पर भी गेट पास जारी करने की अनुमति दी गई है।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी से स्टाक बाहर ले जाने से पहले एग्जिट गेट पास के लिए ट्रांसपोर्ट और मार्केट कमेटी सचिव दोनों की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित की गई है। इस बहु-एजेंसी सत्यापन प्रणाली से स्टाक की सुरक्षित और प्रमाणित आवाजाही संभव हो रही है। बुधवार तक 1 लाख 74 हजार 635 एग्जिट गेट पास बिना किसी समस्या के जारी किए जा चुके हैं।
इन मुद्दों पर भी खुलकर बोले सीएम नायब सैनी
- पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की मजबूत पृष्ठभूमि तैयार हो रही है।
- बंगाल की जनता अब परिवर्तन चाहती है और वहां विकास, उद्योग, महिलाओं की सुरक्षा तथा सुशासन के लिए भाजपा पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
- पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद वर्तमान सरकार के दौरान उद्योग और रोजगार को नुकसान पहुंचा है।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश सेवा का प्रतीक है। जब भी देश पर कोई विपत्ति आई है, संघ के कार्यकर्ता सबसे पहले सेवा के लिए खड़े दिखाई दिए हैं।
- आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों लोगों को उपचार मिला, लेकिन पश्चिम बंगाल और पंजाब सरकारों द्वारा योजना को लागू नहीं किए जाने से अनेक जरूरतमंद लोग इसके लाभ से वंचित रह गए।
- मतदाता सूची शुद्धिकरण चुनाव आयोग की नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
