देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने पर विचार कर रही है. फिलहाल इस मामले में सरकार की तरफ से अंतिम फैसला होना बाकी है. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी. जिस पर प्रमुख सचिव ने वित्त विभाग को संबंधित पत्रावली जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
उत्तराखंड के राज्य कर्मचारियों को जल्द तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते का लाभ मिल सकता है. राज्य सरकार केंद्र सरकार की तर्ज पर कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है. हालांकि अभी इस मामले में वित्त विभाग के स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन शासन स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद कर्मचारियों को जल्द फैसले की उम्मीद जगी है.
दरअसल केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर में तीन प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे एक जुलाई 2026 से 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है. इसके बाद उत्तराखंड के राज्य कर्मचारियों ने भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग उठाई है.
इसी संबंध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से मुलाकात कर कर्मचारियों को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता अनुमन्य किए जाने का अनुरोध किया. उन्होंने इस मामले में कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार के निर्णय के अनुरूप राज्य में भी डीए बढ़ाने की मांग की थी.
इस पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने संबंधित पत्रावली जल्द प्रस्तुत करने के लिए वित्त विभाग को निर्देशित किया है. अब इस मामले में वित्त विभाग की प्रक्रिया और सरकार के अंतिम निर्णय पर कर्मचारियों की नजर है. यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो प्रदेश के हजारों राज्य कर्मचारियों को तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा.
दीपावली से पहले 7000 रुपये तक बोनस का फैसला: इससे पहले राज्य सरकार दीपावली से पहले कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का निर्णय ले चुकी है. इसके लिए शासनादेश भी जारी किया जा चुका है. सरकार ने पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपये तक बोनस देने का फैसला किया है. ऐसे में अब कर्मचारियों की नजर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर टिकी है. बोनस के बाद डीए में वृद्धि का फैसला होता है तो कर्मचारियों को एक और आर्थिक राहत मिल सकती है.
