हरिद्वार: कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली प्रोटेस्ट के सवाल पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, एसआईआर को लेकर विपक्ष के नेता लगातार झूठ बोलकर जनता को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कई बड़े नेताओं के बयान सुने और देखे, जिससे साफ हो रहा है कि इंडिया गठबंधन के नेता भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. यह बातें सीएम ने कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही.
राहुल गांधी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल के बयानों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने सवाल उठाया कि, जब 2018, 2019 में मतदाताओं की संख्या बढ़ने की बात कही जा रही थी, तब भी यही प्रक्रिया चलती थी. ऐसे में सवाल है कि क्या उस समय प्रक्रिया गलत थी? उन्होंने कहा, जनता बार-बार कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखा रही है, क्योंकि विपक्ष भय का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहा है. विपक्ष गंभीरता से काम नहीं कर रहा है. युवा पीढ़ी, खासकर जेन जी, उससे दूर हो रही है.
कांग्रेस 2002 से 2007 और 2007 से 2012 के बीच मतदाताओं की संख्या में हुए बदलावों पर भी विचार करे. कांग्रेस की सरकारों में निर्वाचन प्रक्रिया में वोट बढ़ाए जाते थे और भाजपा की सरकार में एसआईआर प्रक्रिया में वोट कम हो रहे हैं. यानी स्पष्ट है कि पहले कांग्रेस की सरकारों में निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है.
कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करना चाहती है. जनता अब ऐसी अफवाहों में आने वाली नहीं है. विपक्ष को अपनी भूमिका गंभीरता से निभानी चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहा है.
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री-
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, कांग्रेस लंबे समय तक यही सोचती रही कि संसद पर केवल गांधी परिवार का अधिकार है. इसके विपरीत देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि,
उत्तराखंड में भी बैलेट पेपर से चुनाव हुए. देहरादून में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत मिलने पर विपक्ष ने सवाल नहीं उठाए, लेकिन जहां हार हुई, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाने लगे. चुनाव में हार मिलने पर सवाल उठाना और जीत मिलने पर चुप रहना विपक्ष की दोहरी नीति को दर्शाता है.
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री-
