यूपी सरकार का 11 फरवरी को आने वाला बजट 9 लाख करोड़ के आसपास हो सकता है। सरकार का मुख्य ध्यान प्रदेश के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर रहेगा। खासतौर पर सड़क, पुल, शहरों के विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर बड़ा खर्च किए जाने की उम्मीद है। पिछले वित्तीय वर्ष में यूपी का बजट करीब 8.08 लाख करोड़ रुपये था। इसमें जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक सरकार युवाओं के रोजगार, किसानों की मदद और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए चल रही योजनाओं में अच्छी रकम दी जा सकती है। के लिए अच्छी खासी रकम रख सकती है। अनुमान है कि कुल बजट का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, 15 प्रतिशत शिक्षा, 12 प्रतिशत कृषि, 8 प्रतिशत स्वास्थ्य और 5 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
11 फरवरी को पेश होगा बजट
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में 10 बैठकें होंगी और 2026-27 वित्तीय वर्ष का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह सत्र 9 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। शेड्यूल बुधवार को यहां विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि 10 फरवरी को, दो मौजूदा सदस्यों की मौत पर शोक जताने के बाद विधानसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना 11 फरवरी को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पेश करेंगे। बाद में, बजट पेश होने के बाद, सदन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू करेगा, जो 12 फरवरी को जारी रहेगी और 13 फरवरी की दोपहर को मुख्यमंत्री के जवाब के साथ खत्म होगी। शनिवार और रविवार की छुट्टियों के कारण 14 और 15 फरवरी को कोई बैठक नहीं होगी। विभागीय बजट पर बहस 16 से 19 फरवरी तक होगी, जबकि सत्र खत्म होने से पहले 20 फरवरी की दोपहर को बजट को मंज़ूरी दी जाएगी।
