देहरादून: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन में अपनी टीम की घोषणा कर दी है. इस टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. जिसमें पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, लोकसभा सांसद अनिल बलूनी, महेंद्र पांडेय और आलोक भट्ट शामिल हैं. खासबात ये है कि पौड़ी लोकसभा सीट से सांसद अनिल बलूनी को तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बलूनी की मीडिया‑रणनीति और जनसम्पर्क कौशल को देखते हुए ये जिम्मेदारी फिर से उनको सौंपी है.
पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा सांसद और उत्तराखंड के प्रभावी चेहरे माने जाने वाले अनिल बलूनी ने अपने स्वागत संदेश में कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलने पर गर्व है. उन्होंने कहा कि मीडिया और संचार ने लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. वह पार्टी की विचारधारा व नीतियों को संप्रेषित करने में सतत और समन्वित प्रयास करेंगे. अनिल बालूनी ने यह भी कहा कि मीडिया काउंसिलिंग को और अधिक प्रोफेशनल व तकनीकी बनाया जाएगा. जिससे राष्ट्रीय व क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा का सन्देश स्पष्ट रूप से पहुंच सके
अनिल बलूनी की नियुक्ति से भाजपा की मीडिया‑रणनीति में अनुभव और अनुशासन जुड़ने की उम्मीद है. अनिल बलूनी ने पहले भी पार्टी के मीडिया प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई है. पार्टी की केंद्रीय टीम में उनकी गंभीरता एवं संवाद कौशल को देखते हुए एक बार फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. उनकी अगुवाई में पार्टी ने कई बार चुनावी और नीतिगत मामलों में सुसंगत संवाद नीति अपनाई थी. खास बात ये है कि आगामी साल 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं. उस लिहाज से भी ये जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
31 मार्च 2017 को तात्कालिक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अनिल बलूनी पर भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी थी. इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा की टीम में भी बतौर राष्ट्रीय मीडिया संयोजक के रूप में अनिल बलूनी ने अपनी सेवाएं दी. इसके बाद अब वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में भी अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कुल मिलाकर 31 मार्च 2017 से लगातार अनिल बलूनी राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं.
पौड़ी गढ़वाल के भाजपाई और स्थानीय कार्यकर्ता इसे क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की जीत मान रहे हैं. बलूनी के राष्ट्रीय मंच पर सक्रिय रहने से क्षेत्रीय मुद्दों को भी मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा. खासकर राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
