अमेठी। समाजवादी पार्टी से निष्कासित गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा में शामिल होंगे। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और मंत्री दारा सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की जानकारी दी गई है।
तीन बार सपा के टिकट पर विधायक चुने गए राकेश प्रताप सिंह की पार्टी से दूरियां पिछले तीन सालों में लगातार बढ़ती गईं। स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से रामचरितमानस और अन्य धार्मिक विषयों पर की गई टिप्पणियों के विरोध में राकेश प्रताप सिंह ने एक कथा मंच से अपनी बात रखी थी। इसके बाद सपा नेतृत्व के साथ उनकी तल्खियां बढ़ती गईं। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने गठबंधन की राजनीतिक दिशा से अलग हटकर भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के पक्ष में प्रचार किया था। चुनाव से पहले ही उनके परिवार के अन्य सदस्य भाजपा में शामिल हो गए थे।
सपा ने पार्टी से किया था निष्कासित
राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज से अयोध्या स्थित राम मंदिर तक पदयात्रा भी निकाली थी। इन घटनाक्रमों के बीच पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। राकेश प्रताप सिंह ने कहा है कि वह राष्ट्र और राम के लिए भाजपा का साथ देने जा रहे हैं। उनके साथ अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी के भी भाजपा में शामिल होने की तैयारी है। इसके अलावा अमेठी जिले के सैकड़ों ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, पूर्व ग्राम प्रधानों और सपा से जुड़े लोगों के भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने का दावा किया जा रहा है।
रामचरितमानस जलाने वालों के साथ राजनीति संभव नहीं
इससे पहले राकेश प्रताप सिंह ने सपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जहां भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया जाए, रामचरितमानस जलाने और फाड़ने की घटनाएं हों, राष्ट्र और समाज के बजाय जाति और परिवार की चिंता की जाए, वहां राजनीति करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, ‘करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने गौरीगंज में एक धार्मिक मंच से कहा था कि चाहे वह विधायक रहें या नहीं, टिकट मिले या नहीं और राजनीति रहे या नहीं, लेकिन रामचरितमानस जलाने-फाड़ने, तुलसीदास की लेखनी पर सवाल उठाने तथा सनातन और हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के साथ राजनीति नहीं की जा सकती।’
