पंजाब सरकार अपनी बसों के बेड़े को 56 प्रतिशत बढ़ाएगी। सरकारी बसों की संख्या 2267 से बढ़ाकर 3546 कर दी जाएगी। यह दो दशकों में सबसे बड़ा विस्तार होगा। नई बसें डैशकैम, सीसीटीवी कैमरों, जीपीएस ट्रैकिंग व यूपीआई आधारित होगी। ये बसें इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सुविधा से लैस होंगी।
बेड़े में शामिल होंगी 1,279 नई बसें
पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार 1,279 नई सरकारी बसों को शामिल कर अपने सार्वजनिक परिवहन बेड़े का व्यापक विस्तार करेगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के क्षेत्र में राज्य देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में अग्रसर होगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बेड़े के विस्तार के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा तथा अंतिम छोर (लास्ट माइल) तक बेहतर संपर्क सुनिश्चित करने के लिए डैशकैम, आंतरिक सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली तथा यूपीआई क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी लागू करेगी।
इसी के तहत पंजाब सरकार पहले ही 696 साधारण बसों की खरीद का आदेश जारी कर चुकी है। इनमें से 387 बसें पनबस तथा 309 बसें पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (पीआरटीसी) में शामिल की जाएंगी। इनमें से लगभग 300 बसों के नवंबर 2026 तक सड़क पर उतरने की संभावना है जबकि शेष बसों को दिसंबर 2026 के अंत तक चरणबद्ध ढंग से शामिल किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीआरटीसी हेतु 100 मिनी बसें पहले ही खरीदी जा चुकी हैं। ये बसें सितंबर 2026 तक सेवा में आ जाएंगी, जिससे प्रत्यक्ष रूप से खरीदी गई बसों की कुल संख्या 796 हो जाएगी। विस्तारित बस बेड़े की तैनाती वैज्ञानिक योजना के आधार पर की जाएगी। चीमा ने दावा किया वर्तमान में पंजाब में प्रति एक लाख आबादी पर लगभग सात सरकारी बसें उपलब्ध हैं। इस विस्तार के बाद यह अनुपात बढ़कर प्रति एक लाख आबादी पर लगभग 12 बसें हो जाएगा।
हो सकेगा डिजिटल भुगतान
परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग परिचालकों (कंडक्टरों) को ऐसी अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें उपलब्ध करवा रहा है, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान स्वीकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, इस आधुनिक प्रणाली को डिजिटल भुगतान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जिससे टिकटिंग व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और दक्ष बनेगी।
