शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) चालक-परिचालक यूनियन ने अपनी हड़ताल को वापिस ले लिया है। वीरवार को प्रदेश में सभी बसें नियमित रूप से चलेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम के साथ राज्य सचिवालय में 3 घन्टे तक चली बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निगम के प्रबंध निदेशक डॉ निपुण जिंदल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन पर सहमति बनी जिसके बाद हड़ताल को समाप्त करने का एलान किया गया। निगम प्रबंधन ने वैकल्पिक प्लान तैयार कर दिया था।
निगम प्रबंधन ने 656 अस्थायी चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के साथ हाल ही में पदोन्नत हुए चालकों और परिचालकों को भी बस संचालन में लगाने के आदेश जारी कर दिए गए थे।
जो परिचालक कार्यालयों में तैनात है या फिर पदोन्नत होकर अन्य पदों पर चले गए हैं उनकी डयूटियां बसों में लगाई गई थी। इसी तरह के आदेश चालक से पदोन्नत होकर अन्य कर्मचारियों के लिए भी जारी किए गए थे। यात्रियों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए निगम प्रबंधन ने यह निर्णय लिया था।
ये मांगे मानी
कर्मचारियों के 7.10 करोड़ के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) आज जारी कर दिया जाएगा।
वर्दी भत्ता
1.5 करोड़ की राशि 10 दिन के भीतर नगद मिलेगी। 1 महीने में मिलेगी नई वर्दी।
ओवरटाइम
12 महीने ओवर टाइम व नाइट ओवर टाइम जल्द से जल्द देने पर सहमति।
एसीपी योजना (4-9-14): विकल्प में ढील देने का मामला वित्त विभाग के समक्ष उठाया जाएगा।
सुरक्षा कानून
मेडिपर्सन एक्ट’ का मामला 15 दिनों के भीतर सरकार के समक्ष उठाएगा एचआरटीसी प्रबंधन।
विशेष वेतन
राइड विद प्राइड’ और अन्य हल्के वाहन चलाने वाले चालकों को विशेष वेतन देने के मामले की समीक्षा कर अगली निदेशक मंडल की बैठक में रखा जाएगा।
सेवा समिति
सेवा समिति (सर्विस कमेटी) की बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाएगी।
परिचालक सीट विवाद
150 किलोमीटर से लंबे रूट की बसों में परिचालकों (कंडक्टरों) के लिए आगे की सीट का मामला सुलझाया जाएगा।
कार्य प्रभारी कार्यप्रणाली
चालकों के अलग कार्य प्रभारी (ड्यूटी इंचार्ज) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अगली निदेशक मंडल की बैठक में पेश होगी।
चालक संघ के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा कि मिला बहुत कम है। प्रबंधन ने मांगे मानने का आश्वासन दिया है। जिन कर्मचारियों के तबादले हुए हैं, वह भी वापस होंगे। प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हड़ताल वापिस ली है। कर्मचारी संघ ने एसीएस परिवहन का जताया आभार जताया है।
