हरिद्वार: ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की एक 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से सनसनी फैल गई. छात्रा दो दिनों से लापता चल रही थी. शनिवार रात को छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई थी. रविवार को पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में हंगामा काटा. आरोप लगाए कि कुछ युवकों ने छात्रा का अपहरण किया था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई की बजाय उल्टा छात्रा के साथ दुर्व्यवहार किया. हालांकि पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द किया. वहीं देर रात प्रारंभिक जांच में खुलासा किया कि विषाक्त पदार्थ से छात्रा की मौत हुई. आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और गहनता से मामले की जांच जारी है.
रविवार देर रात हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि नाबालिग छात्रा ट्यूशन के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों की शिकायत पर ज्वालापुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया. प्राथमिक जांच में विषाक्त पदार्थ से नाबालिग की मौत हुई थी. फिर भी पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित रख एफएसएल भेजा जाएगा.
एसपी सिटी अभय सिंह के अनुसार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी माध्यमों की मदद से किशोरी को अगले ही दिन यानी शनिवार को बरामद कर लिया था. हालांकि, बरामदगी के कुछ घंटों बाद उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम में किशोरी के शरीर में संदिग्ध जहरीला पदार्थ होने की बात सामने आई है. मामले में परिजनों ने किशोरी के दोस्त समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
जानिए क्या है पूरा मामला: पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र निवासी बुजुर्ग महिला ने कोतवाली में शिकायत देकर बताया कि उनकी 15 वर्षीय पोती 8 मई की शाम करीब चार बजे ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी. इसके बाद रात को ही अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक ललिता चुफाल को सौंपी गई.
पुलिस टीम ने मुकदमा दर्ज होने के बाद छात्रा की तलाश तेज कर दी. सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से खोजबीन करते हुए 9 मई की ही सुबह करीब 11 बजे किशोरी को पुलिस और परिजनों ने तलाश लिया. पूछताछ के लिए किशोरी को परिजनों की सहमति से कोतवाली लाया गया. पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह अपने मित्र ऋतिक के साथ घूमने गई थी. दोनों पहले हरिद्वार और फिर ऋषिकेश गए, जहां गंगा किनारे समय बिताया.
इसके बाद रात में कनखल क्षेत्र में गंगा किनारे रुके रहे. सुबह छात्रा ने अपनी एक सहेली को फोन कर अपने कनखल में होने की जानकारी दी, जिसके बाद सहेली ने परिजनों को सूचना दी. इसी सूचना के आधार पर पुलिस और परिजनों ने छात्रा को बरामद कर लिया. पूछताछ के दौरान छात्रा और उसके परिजनों ने किसी प्रकार का अपराध न होने और कोई कार्रवाई न चाहने की मौखिक बात कही थी. आवश्यक पूछताछ के बाद किशोरी को दोपहर करीब 3:30 बजे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
इसी बीच शनिवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि बरामद की गई किशोरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई है. परिजन उसे उपचार के लिए रानीपुर मोड़ स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई. रविवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया गया. प्रारंभिक स्तर पर डॉक्टरों ने किशोरी के शरीर में संदिग्ध विषाक्त पदार्थ से होने की आशंका जताई है.
विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया, जिसे एफएसएल के लिए भेजा जाएगा. किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने उसके कुछ अन्य महिला व पुरुष मित्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एसपी सिटी अभय सिंह का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
