कैथल। कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि प्रदेश आज निराशा, अवसाद और मौतों के खौफनाक दलदल में धंसता जा रहा है। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 3360 लोगों ने आत्महत्या कर ली।
यानि हर दिन औसतन नौ हरियाणवी इस व्यवस्था से हारकर अपनी जान दे रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में आए दिन हो रही आमहत्याएं वास्तव में ये आत्महत्याएं नहीं, बल्कि संस्थागत हत्याएं हैं। एक ऐसी व्यवस्था की हत्याएं, जो लोगों को अकेला छोड़ देती है, उनकी मदद नहीं करती और उन्हें मरने के लिए मजबूर कर देती है।
छात्र लगातार कर रहे आत्महत्या
सुरजेवाला ने कहा कि 678 लोगों ने महंगी स्वास्थ्य सेवाओं, लंबी बीमारी और सरकारी सिस्टम की बेरुखी के कारण जान दे दी। 284 छात्रों ने बेरोजगारी, परीक्षा के दबाव, भविष्य की अनिश्चितता और कोचिंग-कैरियर की दौड़ में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
एनआइटी कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम और कोटा जैसे स्थानों पर बार-बार हो रही छात्र आत्महत्याएं इसकी तस्दीक करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर जिले में कम से कम एक पूर्ण रूप से सुसज्जित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करे और पर्याप्त मनोचिकित्सकों की भर्ती की जाए, ठोस रोजगार नीति और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए जाएं।
