देहरादून: के पैनेसिया अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है. इतना ही नहीं मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर को भी सील करने के आदेश दिए गए हैं. खास बात ये है कि इसको लेकर जांच टीम ने अस्पताल में नोटिस भी चस्पा कर दिया है. जिसमें प्राथमिक दृष्टिया अस्पताल परिसर में कई खामियों के मिलने की बात लिखी गई है.
निरीक्षण के दौरान मिली कई गंभीर खामियां: देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में 20 मई को हुई आग की घटना के बाद अब अस्पताल प्रशासन पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां पाई हैं.
प्राथमिक जांच में अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप सामने आए हैं. यही वजह है कि अब अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर को सील करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.
अग्निकांड में एक महिला मरीज की गई थी जान: गौर हो कि बीती 20 मई को देहरादून स्थित पैनेसिया अस्पताल के आईसीयू रूम में अचानक आग लग गई थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग अस्पताल में लगे एसी यूनिट से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे आईसीयू कक्ष में फैल गई.
आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया. घटना के दौरान धुएं का गुबार तेजी से पूरे आईसीयू में फैल गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस हादसे में एक मरीज की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य मरीज और अस्पताल कर्मचारी घायल हो गए.
घटना के बाद से ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मामले की जांच में जुटी हुई थी. वहीं, जिलाधिकारी ने पूरे मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए थे. इसी बीच सोशल मीडिया के माध्यम से अस्पताल से जुड़ी कई दूसरी शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंचीं.
शिकायतों में अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अग्निशमन व्यवस्था की कमी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही जैसे आरोप लगाए गए. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच टीम गठित की.
जांच टीम ने अस्पताल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान अस्पताल के आईसीयू, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की जांच की गई. प्राथमिक जांच में टीम ने पाया कि अस्पताल में विद्युत लोड आवश्यकता से ज्यादा था.
संभावना जताई गई कि ज्यादा लोड होने के कारण एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद आग भड़क गई. जांच टीम के अनुसार, आईसीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था. आग लगने के बाद धुआं तेजी से कमरे में भर गया, जिससे मरीजों को बाहर निकालने में भी कठिनाई हुई.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य नहीं किया जाता, तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था. संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल में कई तकनीकी और प्रशासनिक कमियां भी पाई हैं. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत जिन मानकों का पालन अस्पतालों के लिए अनिवार्य होता है, उनमें भी कई खामियां सामने आईं.
पैनेसिया अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के आदेश जारी: जांच रिपोर्ट में सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, आपातकालीन प्रबंधन और भवन सुरक्षा से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं. इन गंभीर खामियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पैनेसिया अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए.
इसके साथ ही मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल परिसर को सील करने का निर्णय लिया गया है. संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल परिसर में नोटिस भी चस्पा कर दिया है, जिसमें प्राथमिक दृष्टि से पाई गई खामियों का उल्लेख किया गया है. प्रशासन का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अस्पताल सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता, तब तक अस्पताल में किसी भी तरह की चिकित्सा गतिविधि संचालित नहीं की जाएगी.
वहीं, इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है. घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन पर सवाल लगातार उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाएं पहले से ही कमजोर थीं, लेकिन इस ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया.
