शिमला। हिमाचल प्रदेश एचआरटीसी पेंशनर समय पर पेंशन व वित्तीय लाभ न मिलने पर बिफर गए हैं। पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संघ ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है। संघ ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो वह पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इसको लेकर आगामी रणनीति तय करने के लिए संयुक्त संघर्ष समिति के साथ मिलकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया।
चिकित्सा बिल तो दूर पेंशन भी नहीं मिली
पेंशनरों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में चिकित्सा बिलों की अदायगी के लिए 7 करोड़ जारी करने का आश्वासन दिया था। ये राशि आना तो दूर 13 तारीख बीत जाने के बाद पेंशन तक नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के प्रति सरकार का रवैया शुरू से उदासीन ही रहा है।
तारादेवी में जुटे पेंशनर
पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संघ की सोमवार को शिमला के तारादेवी में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता तारादेवी इकाई अध्यक्ष तरसेम चौधरी ने की। बैठक में संघ के राज्य उपाध्यक्ष सुरेश गौतम, राज्य प्रधान देवराज ठाकुर, अतिरिक्त महासचिव राजेंद्र ठाकुर, मीडिया प्रभारी, प्रधान मनोज गौतम, महासचिव चूड़ामणि वर्मा सहित करीब 100 पेंशनरों ने भाग लिया।
पेंशन के अभाव में परेशान
बैठक में पेंशनरों ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें देय वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिल रहे हैं। अप्रैल माह की 13 तारीख बीत जाने के बावजूद पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे पेंशनरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिटायर कर्मियों को नहीं मिले लाभ
तरसेम चौधरी ने बताया कि जुलाई 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन अभी तक शुरू नहीं की गई है। वहीं, दिसंबर 2024 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान भी लंबित है।
डिप्टी सीएम से मिला था आश्वासन
शिमला इकाई के प्रधान मनोज गौतम ने कहा कि 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) कर्मचारियों और अन्य पेंशनरों को दिया जा चुका है, लेकिन निगम के पेंशनरों को इससे वंचित रखा गया है, जो भेदभावपूर्ण है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान आश्वासन मिला था कि अप्रैल माह की पेंशन के साथ 3 प्रतिशत डीए जारी किया जाएगा। पेंशनरों ने उम्मीद जताई कि यह वादा जल्द पूरा होगा।
