यूपी के खीरी में आंबेडकर प्रतिमा विवाद ने बुधवार को बांकेगंज क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए। तोड़फोड़, आगजनी और लाठीचार्ज के बीच करीब चार घंटे तक बाजार व मुख्य मार्ग जाम रहे, जिससे अफरातफरी मच गई। छात्र, मरीज और राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे, दुकानों के शटर गिर गए और कारोबार ठप हो गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को काबू में किया। इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस प्रशासन द्वारा प्रशासन द्वारा शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
बांकेगंज क्षेत्र से सटे मोतीपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते उपद्रव में तब्दील हो गया। भीड़ को संभालने में इलाकाई पुलिस बेबस हो गई। जब तक बाकी फोर्स आता, हालात बेकाबू हो गए। हालात का सही आकलन करने में प्रशासन की चूक भारी पड़ गई और बवाल बढ़ता चला गया।
मैलानी थाना क्षेत्र के बांकेगंज पुलिस चौकी अंतर्गत मोतीपुर गांव में कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने एक विवादित जमीन पर आंबेडकर प्रतिमा लगा दी। इसी जमीन के करीब एक महिला अपने मकान की नींव भरा रही थी। उसने एतराज किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रतिमा को बिना अनुमति व विवादित जमीन पर रखे जाने की बात कह कर हटवा दिया। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। गांव वाले बाकेगंज-कुकरा रोड पर धरना देकर बैठ गए और रोड जाम कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस ने प्रतिमा उखाड़ दी है। प्रतिमा वापस लगाई जाए और पुलिस माफी मांगे।
इसके साथ ही एक महिला पर भी प्रतिमा उखाड़ने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अंबेडकर प्रतिमा को एक पल्ली में बंधवा कर गाड़ी में रखवाया और उसे लेकर चले गए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। 14 अप्रैल होने के कारण आंबेडकर जयंती पर रैली भी निकल रही थी, जिससे भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे।
इस पर मामला बिगड़ गया। गांव वालों ने सबसे पहले उस महिला को पीटा, जिसने प्रतिमा लगाए जाने का विरोध कर पुलिस को सूचना दी थी। इस बीच भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस द्वारा बिना अनुमति रखवाए जाने की बात का जाने पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस ने भी लाठी चला दी। इससे भगदड़ मच गई।
महिलाएं हुईं उग्र, चौकी प्रभारी से की धक्का-मुक्की
बांकेगंज। कस्बे में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर चल रहे विवाद के दौरान उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब महिलाएं आगे आ गईं। आक्रोशित महिलाओं ने कस्बा चौकी प्रभारी संतोष तिवारी से तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने चौकी प्रभारी से धक्का-मुक्की करते हुए उनके बिल्ले तक नोच लिए। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि विवादित स्थल से पुलिस द्वारा बाबा साहब की प्रतिमा हटाने को लेकर महिलाओं में खासा आक्रोश था, जिसके चलते उन्होंने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
दो मुकदमे दर्ज, 20 उपद्रवी हिरासत में
लखीमपुर। बांकेगंज बवाल में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं। पहला मुकदमा चंदा देवी ने दर्ज कराया है, जबकि दूसरा केस पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया है। दोनों मुकदमों में 30-40 लोग नामजद और 100 के करीब अज्ञात हैं। पुलिस ने 20 उपद्रवियों को हिरासत में भी लिया है। बांकेगंज में मंगलवार की दोपहर एक जमीन पर अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की गई। जिसका चंदा देवी ने विरोध किया। उनका कहना है कि वह जमीन उनकी भतीजी की है। चंदा देवी ने मना किया तो उनके ऊपर हमला हुआ। जिसमें उनको गम्भीर चोट आई। तभी वहां पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने भी अंबेडकर प्रतिमा रखने के लिए मना किया। लोग नहीं माने तो धक्का-मुक्की हुई। देखते-देखते विवाद बवाल में बदल गया। वहीं, वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान कर बवालियों की गिरफ्तारी शुरू हो गई। एएसपी पश्चिमी अमित राय ने बताया कि अभी तक 20 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
