Haryana और Punjab के बीच लंबे समय से विवादों में घिरी Sutlej–Yamuna Link Canal (SYL) नहर अब अपने मूल स्वरूप में लौटने की तैयारी में है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से नहर का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे यह दक्षिणी हरियाणा और Delhi की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकेगी।
सिंचाई विभाग के अनुसार नहर के कायाकल्प का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। प्रदेश सरकार ने परियोजना को मंजूरी दे दी है और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
परियोजना पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर Narwana Branch Canal और Markanda River के पानी को भी नहर में छोड़ा जा सकेगा। इससे मारकंडा नदी से आने वाली बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी और नहर का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
नहर की लंबाई और परियोजना की तैयारी
Kurukshetra जिले में SYL नहर की लंबाई करीब 35 किलोमीटर है। जनवरी में सिंचाई विभाग ने इस परियोजना को राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे तकनीकी टीम ने स्वीकृति दे दी। हालांकि मामला Supreme Court of India तक पहुंच चुका है और विवाद के कारण अभी तक पंजाब की ओर से नहर में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
