
पंजाब में लगातार कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। बारिश के चलते दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में औसतन 1.4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है और अब यह सामान्य से करीब 1.9 डिग्री नीचे दर्ज किया जा रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी लगभग 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए पंजाब के सात जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उनमें पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। विभाग ने इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार पटियाला में सबसे अधिक 143 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इसके अलावा होशियारपुर में 53.5 मिलीमीटर, अमृतसर में 32.2 मिलीमीटर तथा लुधियाना में 28.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया और मौसम सुहावना बना रहा।
तापमान की बात करें तो राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा अमृतसर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री, लुधियाना में 31.0 डिग्री तथा पटियाला में 30.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान होशियारपुर में सबसे कम 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे सुबह और रात के समय मौसम काफी ठंडा और आरामदायक महसूस किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और अगले दो दिनों तक कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि इसके बाद मानसून की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। विभाग के अनुसार 7 से 10 अगस्त के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं और भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें तथा मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है ताकि बारिश का अधिकतम लाभ उठाया जा सके और फसलों को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
